लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर: झारखंड के निजी अस्पतालों में आयुष्मान से मोतियाबिंद का फेको सर्जरी चालू करने की मांग की जा रही है। फेको सर्जरी उन्नत किस्म की सर्जरी है । पश्चिम बंगाल, बिहार एवं उड़ीसा के मोतियाबिंद के मरीज आयुष्मान से आकर झारखंड के नेत्रालय में अपना फेको सर्जरी निशुल्क करवा रहे हैं परंतु झारखंड के मरीज का आयुष्मान से फेको सर्जरी बंद है जो की बहुत ही चिंताजनक है। अगर कोई भ्रष्टाचार हुआ है तो भ्रष्टाचार की जांच भी चलती रहे और जनहित का मामला को जारी रखा जाए क्योंकि आंख का मनुष्य के जीवन में बहुत बड़ा स्थान है।
आयुष्मान से मोतियाबिंद का फेको सर्जरी पर मांग
आनंद मार्ग यूनिवर्सल रिलीफ टीम ग्लोबल एवं पूर्णिमा नेत्रालय के सहयोग से गदरा आनंद मार्ग जागृति में मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए जांच शिविर का आयोजन किया गया था इस शिविर में लगभग 100 लोगों के आंखों का जांच हुआ 35 मोतियाबिंद के मरीज चयनित हुए थे। आज आनंद मार्ग एवं पूर्णिमा नेत्रालय के सहयोग से 35 लोगों का सफल ऑपरेशन कर लैंस प्रत्यारोपण किया गया। दवा एवं चश्मा देकर सभी मरीजों को घर पहुंचा दिया गया।
झारखंड में आयुष्मान योजना की वर्तमान स्थिति
झारखंड में आयुष्मान भारत योजना के तहत मोतियाबिंद के इलाज की सुविधा कई निजी अस्पतालों में उपलब्ध है, लेकिन फेको सर्जरी जैसी उन्नत तकनीक को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। पश्चिम बंगाल, बिहार और उड़ीसा के मरीज झारखंड के नेत्रालयों में आकर इस सुविधा का लाभ उठा रहे हैं, जबकि झारखंड के स्थानीय निवासियों को इससे वंचित रखा गया है। यह स्थिति स्वास्थ्य सेवा में क्षेत्रीय भेदभाव को दर्शाती है।
भ्रष्टाचार की जांच और जनहित की अपील
समाजसेवी संगठनों का कहना है कि यदि फेको सर्जरी बंद करने के पीछे कोई भ्रष्टाचार है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, लेकिन जनहित को देखते हुए इस सेवा को तुरंत बहाल किया जाए। आंख मनुष्य के लिए सबसे संवेदनशील अंग है और मोतियाबिंद से पीड़ित गरीब मरीजों के लिए निशुल्क फेको सर्जरी जीवनदायनी साबित होती है। आनंद मार्ग यूनिवर्सल रिलीफ टीम ग्लोबल जैसे संगठन लगातार इस दिशा में कार्य कर रहे हैं।
अधिक जानकारी के लिए आयुष्मान भारत आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं।

