रिपोर्ट – अमन ओझा (ब्यूरो चीफ, कोल्हान)
टाटा स्टील से संबद्ध संवेदक कंपनी मेसर्स विवेक कंस्ट्रक्शन एवं उसके 50 कामगारों के बीच लंबित वेतन, नोटिस पे तथा छंटनी मुआवजा भुगतान को लेकर जारी विवाद पर मंगलवार को श्रम विभाग में त्रिपक्षीय वार्ता आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता LS-2 श्री सतेन्द्र सिंह ने की।
बैठक में कामगार पक्ष का नेतृत्व जोहार झारखंड श्रमिक महासंघ के प्रतिनिधि एवं मजदूर नेता राजीव पाण्डेय ने किया, जबकि प्रबंधन पक्ष के अधिकृत प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। वार्ता के दौरान बकाया वेतन, नोटिस पे, छंटनी मुआवजा एवं अन्य देय मदों पर विस्तृत, गंभीर और सार्थक चर्चा हुई।
प्रबंधन की ओर से कुल ₹10,74,000 (दस लाख चौहत्तर हजार रुपये) के भुगतान की तत्परता लिखित रूप में व्यक्त की गई। वहीं कामगारों की ओर से न्यूनतम ₹50,00,000 (पचास लाख रुपये) की राशि का लिखित दावा प्रस्तुत किया गया। कामगार पक्ष ने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित ₹10,74,000 की राशि उनके वास्तविक बकाये के अनुरूप नहीं है और यह न्यायसंगत समाधान नहीं माना जा सकता।
बैठक में किसी अंतिम निर्णय पर सहमति नहीं बन सकी, जिसके बाद अगली सुनवाई 6 मार्च 2026 को निर्धारित की गई है। अब सभी पक्षों की नजर अगली वार्ता पर टिकी है, जहां विवाद के समाधान की दिशा में ठोस पहल की उम्मीद जताई जा रही है।

