रामबली सिंह के निधन से तेघड़ा सहित पूरे जिले में शोक की लहर
संत पॉल पब्लिक स्कूल के सचिव और रामचरितमानस संगोष्ठी के जिला अध्यक्ष थे
बेगूसराय राष्ट्र संवाद ब्यूरो
शिक्षा के प्रसार और आध्यात्मिक चेतना को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले रामबली सिंह के निधन से तेघड़ा सहित पूरे बेगूसराय जिले में शोक की लहर दौड़ गई। संत पॉल पब्लिक स्कूल तेघड़ा के सचिव और रामचरितमानस संगोष्ठी के जिला अध्यक्ष रामबली सिंह ने रविवार की रात बेगूसराय के अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन से शिक्षा, समाजसेवा और धार्मिक-सांस्कृतिक क्षेत्र को अपूरणीय क्षति हुई है।
रामबली सिंह ने संत पॉल पब्लिक स्कूल की स्थापना कर क्षेत्र में शिक्षा के प्रसार के लिए उल्लेखनीय प्रयास किया। वहीं, तेघड़ा के ऐतिहासिक शताब्दी जन्माष्टमी मेले की धार्मिक परंपरा से भी उनका गहरा जुड़ाव रहा। कुछ माह पूर्व ही उन्होंने राधा-श्रीकृष्ण दिव्य धाम में प्राण-प्रतिष्ठा का धार्मिक कार्य संपन्न कराया था। शिक्षा और धर्म के प्रति उनका समर्पण उनके जीवन की खास पहचान रहा।
सोमवार की सुबह बेगूसराय से उनका पार्थिव शरीर फूल माला से सजे बहन और बाजे गाजे के साथ तेघड़ा दिव्या धाम लाया गया फिर तेघड़ा स्थित संत पॉल पब्लिक स्कूल परिसर लाया गया। जहां शिक्षकों, विद्यार्थियों, क्षेत्रीय लोगों और गणमान्य व्यक्तियों ने पुष्प अर्पित कर अंतिम दर्शन किए। इसके बाद पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव दुलारपुर पहुंचा। गांव में अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। गंगा घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। बड़े पुत्र टुनटुन सिंह ने मुखाग्नि दी। छोटे पुत्र बेगूसराय टॉप मेडिकेयर के प्रबंध निदेशक डॉक्टर शंभू एवं
उनके मंझले पुत्र एवं संत पॉल पब्लिक स्कूल के प्रबंध निदेशक सुनील कुमार सिंह ने भावुक होकर कहा कि उनके पिता का व्यक्तित्व और कृतित्व पूरे तेघड़ा ही नहीं, बल्कि बेगूसराय जिले को प्रभावित करता रहा है। ऐसे आदर्श पिता का स्नेह हर जन्म में मिले, यह उनका सौभाग्य होगा। इस अवसर पर व्यावसायिक सुरेश प्रसाद रोशन,प्राचार्या तनु सौरभ, समन्वयक राम कुमार मिश्रा, शिक्षक भीम कुमार, हरेराम राय,संजय राय, मुखिया पंकज सिंह राधे-राधे, भाजपा नेता कृष्णनंदन सिंह,भाकपा नेता जुलम सिंह, पूर्व मुखिया अशोक सिंह सहित बड़ी संख्या में लोगों ने श्रद्धांजलि दी।

