Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » झारखंड सरकार ने प्रवासी मजदूर के साथ किया धोखा, बड़े वादे विज्ञापनों में सिमट कर रह गए
    Breaking News Headlines झारखंड राजनीति

    झारखंड सरकार ने प्रवासी मजदूर के साथ किया धोखा, बड़े वादे विज्ञापनों में सिमट कर रह गए

    Devanand SinghBy Devanand SinghSeptember 9, 2020No Comments4 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    झारखंड सरकार ने प्रवासी मजदूर के साथ किया धोखा, बड़े वादे विज्ञापनों में सिमट कर रह गए

    ■ सरकार गठन के बाद रोजगार के एक अवसर सृजन नही कर पाई हेमंत सरकार, कई कंपनियों को बंद कर हजारों युवाओं को किया बेरोजगार: रघुवर दास

    जमशेदपुर, बुधवार। वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण के मद्देनजर धीमी हुई आर्थिक गतिविधियों के बीच अपने प्रदेश वापस आये मजदूरों ने अब पुनः रोजगार के तलाश में दूसरे राज्यों में पलायन करना प्रारंभ कर दिया है। रोजगार की तलाश में मजदूरों के महानगरों के रुख करने से पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने राज्य सरकार की उदासीनता व वादाखिलाफी पर सवाल उठाया है। बुधवार को जारी बयान में पूर्व सीएम रघुवर दास ने कहा कि लॉकडाउन के प्रारंभिक दिनों में बड़े बड़े वादे कर माननीय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रवासी श्रमिकों को झारखंड प्रदेश वापस बुलाया। उन दिनों प्रवासी श्रमिकों व प्रवासी छात्रों के समस्याओं के प्रति राज्य सरकार के रुख और रवैये को सबने देखा कि कैसे अन्य राज्यों में फंसे मजदूरों व छात्रों को उनके हालात पर छोड़ दिया गया। कहा कि प्रदेश वापसी के समय शासन एवं प्रशासन द्वारा प्रवासी श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने का वादा जोर-शोर से किया गया था। लेकिन वास्तविकता यह है कि बड़े पैमाने पर लौटे मजदूरों के समक्ष बड़ी समस्या रोजगार को लेकर खड़ी हुई। राज्य सरकार ने प्रवासी मजदूरों को राज्य में रोजगार के आश्वासन पर प्रदेश बुलाया परंतु राज्य सरकार द्वारा रोजगार मुहैया कराने की दिशा में कोई कार्ययोजना नहीं होने के कारण सभी कामगार मजदूरों की आशाएं टूट चुकी है। सरकार के द्वारा कोई ठोस पहल ना करने व पूर्ण रूप से निष्फल होने के कारण भोले-भाले आदिवासी व कामगार मजदूर अब वापस दूसरे प्रदेश पलायन पर विवश हो रहे हैं। राज्य सरकार के बातों पर विश्वास करने के पश्चात सरकार ने प्रवासी मजदूरों के साथ विश्वासघात किया है। रोजगार के लिए प्रवासी मजदूर दर-दर भटक रहे हैं। प्रवासी मजदूरों की दिखाई दे रहे दर्द से सरकार के सभी दावे हवा-हवाई प्रतीत हो रहे हैं। केवल बड़े-बड़े विज्ञापनों में रोजगार के वादे सिमट कर रह गए। श्री दास ने सरकार के नियत पर सवाल उठाते हुए कहा कि साल में 5 लाख युवाओं को रोजगार देने की बात करने वाली सरकार द्वारा रोजगार के एक अवसर सृजन करने की बात तो दूर, उनकी गलत नीतियों के कारण प्रदेश में 2400 करोड़ निवेश वाली प्रदेश की सबसे बड़े टेक्सटाइल कंपनी ‘ओरिएंट क्राफ्ट’ में ताले लग गए। जिससे हजारों युवा बेरोजगार हो गए। राज्य में भाजपा सरकार के टेक्सटाईल पॉलिसी से प्रभावित होकर निवेश को आये अरविंद मिल्स और किशोर एक्सपोर्ट्स जैसे बड़ी कंपनियां भी जाने की तैयारी कर रही है। उन्होंने पूर्व की भाजपा सरकार के दौरान प्रारंभ किये गए टेक्सटाइल कंपनी का जिक्र करते हुए कहा कि टेक्सटाइल व फुटवेयर के क्षेत्र में हजारों युवाओं को रोजगार मिला। रोजगार की तलाश में तमिलनाडु ,त्रिचूर में काम कर रही झारखंड की बेटियों को अपने प्रदेश में रोजगार मिला। परंतु हेमंत सरकार की गलत नीतियों व अड़ियल रवैये ने उन हुनरमंद युवाओं का रोजगार भी छीन लिया। सरकार गठन के 8 महीने बाद भी राज्य सरकार द्वारा विकास के दिशा में ना कोई निति दिखे हैं और ना ही कोई सकारात्मक प्रयास।
    कहा कि पिछली भाजपा सरकार के दौरान 70 हजार से अधिक सरकारी नियुक्तियां की गई, जिनमें शिक्षक, वनरक्षी एवं प्रशासनिक पदाधिकारियों की नियुक्ति शामिल है। इनमें 90 फीसदी रोजगार स्थानीय युवक-युवतियों को मिली थी। पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने राज्य सरकार को सलाह दी है कि झूठे सपने दिखाकर जनता को दिग्भ्रमित करने का प्रयास ना करें। उन्होंने पंचायत सचिव की सारी प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी नियुक्ति पत्र के आवंटन पर हो रही देरी पर चिंता जताई है।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleमानगो बाजार में सिक्योरिटी गार्ड की संदिग्ध मौत, हत्या की आशंका
    Next Article कंगना के ऑफिस में तोड़फोड़ पर कांग्रेस नेता संजय निरुपम बोले-‘BMC का ऐक्शन प्रतिशोध से ओत-प्रोत’

    Related Posts

    ऑटो-बाइक की टक्कर में युवक गंभीर, 12 वर्षीय बच्चा भी घायल

    August 28, 2026

    पेड़ों को राखी बांध महिलाओं ने लिया जंगल बचाने का संकल्प

    August 28, 2026

    संस्कारोदय एकेडमी के बच्चों ने पेड़ों को राखी बांधकर लिया संरक्षण का संकल्प

    August 28, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    अभी-अभी

    ऑटो-बाइक की टक्कर में युवक गंभीर, 12 वर्षीय बच्चा भी घायल

    पेड़ों को राखी बांध महिलाओं ने लिया जंगल बचाने का संकल्प

    संस्कारोदय एकेडमी के बच्चों ने पेड़ों को राखी बांधकर लिया संरक्षण का संकल्प

    संपूर्ण क्षेत्र में हर्षोल्लास से मनाया गया रक्षाबंधन पर्व

    आनन्द मार्ग ने धूमधाम से मनाया प्रथम दीक्षा दिवस l

    सीआरपीएफ जवानों की कलाई पर सजी राखी, ब्रह्मर्षि महिला समाज ने जताया सम्मान*

    रांची में एच1एन1के मामले बढ़े, सरायकेला में भी स्वास्थ्य विभाग सतर्क

    *शेन इंटरनेशनल स्कूल में राखी के रंगों से सजा भाईचारे का संदेश

    काण्ड्रा आरपीएफ परिसर में पहली बार गूंजी बहनों की किलकारी

    सीकेपी डीविजन में यार्ड रिमॉडलिंग से नवंबर के पहले सप्ताह रेल परिचालन प्रभावित*

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.