राष्ट्र संवाद संवाददाता
यूसील (UCIL) के निजी एवं राष्ट्र संवाद संवाददाता जादूगोड़ा यूसील (UCIL) के निजी एवं यूसील आवास कैंपस के अंदर 15वें वित्तीय आयोग की राशि से सौंदर्यकरण और विकास कार्यों के नाम पर पंचायती राज विभाग की धनराशि के दुरुपयोग की शिकायत । । यूसिल अधिकारी राकेश कुमार के कार्यशैली पर सवाल ।पी एम ओ से करेंगे शिकायत।।यूसील युरेनियम कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड जादुगोड़ा की आवासीय कॉलोनियों और उसके निजी परिसरों में हो रहे वित्तीय नियमों के उल्लंघन की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ।मुख्य शिकायतें बिंदुवार इस प्रकार हैं:सार्वजनिक धन का निजी उपयोग: यूसील एक केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम है, जिसका अपना अलग बजट और रखरखाव कोष होता है। इसके बावजूद, 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत ग्राम पंचायतों को मिलने वाली विकास निधि का इस्तेमाल यूसील के निजी आवासों और कैंपस के अंदर सौंदर्यिकरण (सौंदर्यीकरण) कार्यों में किया जा रहा है। नियमों का खुला उल्लंघन: पंचायती राज नियमों के अनुसार, 15वें वित्त आयोग की यह राशि ग्रामीण स्थानीय निकायों के अधिकार क्षेत्र वाले सार्वजनिक क्षेत्रों के विकास के लिए निर्धारित है। यूसील कैंपस एक बंद और नियंत्रित क्षेत्र है, जहाँ आम ग्रामीणों की पहुँच सीमित है।धनराशि का दुरुपयोग: ग्रामीण क्षेत्रों जैसे जादुगोड़ा और मुसाबनी के आस-पास की मूल भूत सुविधाओं—सड़क, पानी, और स्वास्थ्य—की अनदेखी करके, एक लाभ कमाने वाली कंपनी के आवासीय परिसरों पर सरकारी धन का खर्च किया जाना भ्रष्टाचार और सरकारी धन के दुरुपयोग का स्पष्ट मामला है।अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जाँच करवाई जाए। यूसील परिसर के अंदर पंचायती राज विभाग की 15वें वित्त आयोग की राशि के उपयोग पर तत्काल रोक लगाने का निर्देश दें, ताकि इस राशि का सही उपयोग स्थानीय ग्रामीण क्षेत्रों के वास्तविक विकास के लिए सुनिश्चित किया जा सके। आरटीआई कार्यकर्ता सुनील मुर्मू ने बताया कि

यूसील प्रबंधन के अधिकारी राकेश कुमार की शिकायत पी एम ओ कि जायेगी। क्या फिर किस नियम के अंतर्गत यह आदेश जारी किया गया है। दुरुपयोग की शिकायत । । यूसिल अधिकारी राकेश कुमार के कार्यशैली पर सवाल ।पी एम ओ से करेंगे शिकायत।।यूसील युरेनियम कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड जादुगोड़ा की आवासीय कॉलोनियों और उसके निजी परिसरों में हो रहे वित्तीय नियमों के उल्लंघन की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ।मुख्य शिकायतें बिंदुवार इस प्रकार हैं:सार्वजनिक धन का निजी उपयोग: यूसील एक केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम है, जिसका अपना अलग बजट और रखरखाव कोष होता है। इसके बावजूद, 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत ग्राम पंचायतों को मिलने वाली विकास निधि का इस्तेमाल यूसील के निजी आवासों और कैंपस के अंदर सौंदर्यिकरण (सौंदर्यीकरण) कार्यों में किया जा रहा है। नियमों का खुला उल्लंघन: पंचायती राज नियमों के अनुसार, 15वें वित्त आयोग की यह राशि ग्रामीण स्थानीय निकायों के अधिकार क्षेत्र वाले सार्वजनिक क्षेत्रों के विकास के लिए निर्धारित है। यूसील कैंपस एक बंद और नियंत्रित क्षेत्र है, जहाँ आम ग्रामीणों की पहुँच सीमित है।धनराशि का दुरुपयोग: ग्रामीण क्षेत्रों जैसे जादुगोड़ा और मुसाबनी के आस-पास की मूल भूत सुविधाओं—सड़क, पानी, और स्वास्थ्य—की अनदेखी करके, एक लाभ कमाने वाली कंपनी के आवासीय परिसरों पर सरकारी धन का खर्च किया जाना भ्रष्टाचार और सरकारी धन के दुरुपयोग का स्पष्ट मामला है।अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जाँच करवाई जाए। यूसील परिसर के अंदर पंचायती राज विभाग की 15वें वित्त आयोग की राशि के उपयोग पर तत्काल रोक लगाने का निर्देश दें, ताकि इस राशि का सही उपयोग स्थानीय ग्रामीण क्षेत्रों के वास्तविक विकास के लिए सुनिश्चित किया जा सके। आरटीआई कार्यकर्ता सुनील मुर्मू ने बताया कि
यूसील प्रबंधन के अधिकारी राकेश कुमार की शिकायत पी एम ओ कि जायेगी। क्या फिर किस नियम के अंतर्गत यह आदेश जारी किया गया है।

