Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » आईजीआरएस रिपोर्ट पर उठे सवाल: भदोही PWD पर भ्रष्टाचार और फर्जी रिपोर्ट के गंभीर आरोप
    Breaking News Headlines अपराध उत्तर प्रदेश राजनीति राष्ट्रीय संपादकीय

    आईजीआरएस रिपोर्ट पर उठे सवाल: भदोही PWD पर भ्रष्टाचार और फर्जी रिपोर्ट के गंभीर आरोप

    Devanand SinghBy Devanand SinghJuly 28, 2026No Comments4 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    आईजीआरएस रिपोर्ट
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    लेखक: इंद्र यादव

    उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में आईजीआरएस रिपोर्ट को लेकर एक सनसनीखेज मामला सामने आया है जहां लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों पर कागजी हेराफेरी के गंभीर आरोप लगे हैं। यह प्रकरण शासन की पारदर्शी व्यवस्था पर सीधा प्रहार करता नजर आ रहा है।

    आईजीआरएस रिपोर्ट की जांच में सामने आया फर्जीवाड़ा

    उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में भ्रष्टाचार का एक अजीब मामला सामने आया है। यहाँ लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारी जनता की समस्याओं को सुलझाने के बजाय कागजों पर ही खेल कर रहे हैं। बिना जमीन पर उतरे, ऑफिस की चार दीवारों के अंदर बैठकर ही टूटी सड़कों को ‘नया और दुरुस्त’ बता दिया गया है।

    इस घपले के खिलाफ सुरियावां क्षेत्र के ग्राम सनाथपट्टी के युवा समाजसेवी दिनेश यादव ‘दादा’ खुलकर सामने आए हैं और उन्होंने विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

    क्षेत्र की जनता लंबे समय से बदहाल सड़कों से परेशान थी। इसी परेशानी को दूर करने के लिए दिनेश यादव ने शासन के आईजीआरएस (IGRS) पोर्टल पर दो प्रमुख सड़कों की खराब हालत की शिकायत दर्ज कराई थी!

    • पाली-सुरियावां मार्ग
    • सनाथपट्टी-महदेपुर मार्ग

    इन दोनों ही रास्तों पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हैं, जिससे रोज छोटे-बड़े हादसे हो रहे हैं। स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और राहगीरों का चलना तक दूभर हो गया है।

    जब इस मामले में PWD के ज्ञानपुर स्थित अधिशासी अभियंता की तरफ से जवाब आया, तो सच्चाई सामने आने पर हर कोई हैरान रह गया।

    विभाग की तरफ से जो रिपोर्ट भेजी गई, उसमें दावा किया गया कि—’अधिकारियों द्वारा मौके का स्थलीय निरीक्षण कर लिया गया है और सड़क का निर्माण कार्य पूरी तरह से पूर्ण पाया गया है’।

    जब समाजसेवी दिनेश यादव ने इस रिपोर्ट की हकीकत जांची, तो पता चला कि यह पूरी तरह से झूठी है। दिनेश यादव का आरोप है कि—मौके पर आज तक कोई भी इंजीनियर या जिम्मेदार अधिकारी जांच करने आया ही नहीं।

    अधिकारियों ने सिर्फ फोन पर बात करके औपचारिकता पूरी कर दी।

    जमीन पर सड़कों की हालत वैसी ही बदहाल है, जैसी शिकायत से पहले थी। एक इंच भी नया काम नहीं हुआ है।

    दिनेश यादव ने कड़े शब्दों में अधिकारियों की इस हरकत की निंदा की है। उन्होंने कहा है कि ये अधिकारी अपनी नाकामी छिपाने के लिए शासन को गुमराह कर रहे हैं। कागजों पर झूठी रिपोर्ट लगाकर वे सरकार को यह दिखाना चाहते हैं कि उन्होंने विकास के सारे काम पूरे कर दिए हैं, जबकि असलियत में जनता धूल और गड्ढों के बीच जीने को मजबूर है।

    प्रशासनिक जवाबदेही और जनआंदोलन की चेतावनी

    समाजसेवी दिनेश यादव ने भदोही के जिलाधिकारी से इस पूरे मामले की गहराई से उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। उन्होंने अल्टीमेटम दिया है कि— जनता के हक के साथ खिलवाड़ करने वाले दोषी अधिकारियों की जल्द से जल्द पहचान की जाए। उन पर कठोर से कठोर विभागीय और कानूनी कार्रवाई हो। यदि प्रशासन ने इस फर्जीवाड़े पर जल्द एक्शन नहीं लिया, तो वे चुप नहीं बैठेंगे बल्कि आम जनता को साथ लेकर सड़कों पर उतरकर विशाल आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

    इस पूरे प्रकरण ने आईजीआरएस जैसी महत्वपूर्ण शिकायत निवारण प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवालिया निशान लगा दिया है। जब विभागीय अधिकारी ही मौके पर जाए बिना ‘स्थलीय निरीक्षण’ की झूठी रिपोर्ट लगा देंगे, तो आम जनता की सुनवाई कैसे होगी? यह मामला भ्रष्टाचार की उस जड़ को उजागर करता है जो विकास कार्यों को कागजों तक सीमित रखती है। शिकायतकर्ता दिनेश यादव का संघर्ष अब केवल दो सड़कों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह व्यवस्थागत सुधार की लड़ाई बन चुका है। उत्तर प्रदेश शासन को इस प्रकरण का संज्ञान लेकर दोषियों पर उदाहरणात्मक कार्रवाई करनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई अधिकारी जनता के विश्वास के साथ ऐसा खिलवाड़ न कर सके। अधिक जानकारी के लिए आप आईजीआरएस उत्तर प्रदेश पोर्टल पर शिकायत की स्थिति देख सकते हैं।

    आईजीआरएस पीडब्ल्यूडी फर्जी रिपोर्ट भदोही
    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleआईजीआरएस रिपोर्ट पर उठे सवाल: भदोही PWD पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप
    Next Article गुरु पूर्णिमा: जीवन को दिशा देने वाले प्रकाश का अभिनंदन

    Related Posts

    विद्यालय विवाद की डीपीओ ने की जांच

    September 22, 2026

    विद्यालय विवाद की डीपीओ ने की जांच

    September 22, 2026

    *नए परिसीमन के बाद होगा बिहार में पंचायत चुनाव : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी*

    September 22, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    विद्यालय विवाद की डीपीओ ने की जांच

    विद्यालय विवाद की डीपीओ ने की जांच

    *नए परिसीमन के बाद होगा बिहार में पंचायत चुनाव : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी*

    *नए परिसीमन के बाद होगा बिहार में पंचायत चुनाव : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी*

    *केशरवानी समाज ने श्रद्धापूर्वक मनाई कुलगुरु महर्षि कश्यप मुनि की जयंती*

    El análisis detallado de estrategias y el spinogambino casino para jugadores exigentes

    पिघलते ग्लेशियर और खोखले होते पहाड़ः चेतावनी सुने

    बिहार की राजनीति: बदलते फैसले, उठते सवाल और भीतर की हलचल

    उल्हासनगर में दिनदहाड़े लूट: ठाणे क्राइम ब्रांच ने २४ घंटे में पकड़े ६ आरोपी, ३६ लाख बरामद

    लोरी मासूम थी, शायद हमारी नजर बड़ी हो गई

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.