जादूगोड़ा में शुद्ध पेयजल संकट, यूसील का वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट फेल
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जादूगोड़ा: जादूगोड़ा का करीब 55 वर्ष पुराना वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट अब स्थानीय लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने में असमर्थ होता जा रहा है। यूसील द्वारा सप्लाई किया जा रहा पानी गंदा और बदबूदार बताया जा रहा है, जिससे लोगों में पेट व किडनी संबंधी बीमारियां बढ़ रही हैं। मजबूरी में लोग डब्बाबंद पानी खरीदकर पीने को विवश हैं, जिससे आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है।
ग्रामीणों की शिकायत पर पूर्व जल संसाधन मंत्री व जिला प्रभारी मंत्री मिथिलेश ठाकुर के निर्देश पर पीएचडी विभाग ने पानी का सैंपल जांच के लिए लिया था और यूसील प्रबंधन को फटकार भी लगाई गई, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ।
चैंबर ऑफ कॉमर्स के सदस्य अनिल अग्रवाल व समाजसेवी सज्जन खेमका ने प्लांट के तत्काल नवीनीकरण, पुरानी पाइपलाइन बदलने, टंकी की सफाई और आधुनिक तकनीक अपनाने की मांग की है। वहीं चिकित्सकों ने गंदा पानी पीने से गंभीर बीमारियों की आशंका जताई है।

