Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » बिजली कटौती को लेकर पी चिदंबरम का केंद्र सरकार पर तंज- मोदी है तो मुमकिन है
    Breaking News Headlines राजनीति

    बिजली कटौती को लेकर पी चिदंबरम का केंद्र सरकार पर तंज- मोदी है तो मुमकिन है

    Devanand SinghBy Devanand SinghApril 30, 2022No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने शनिवार को व्यापक बिजली कटौती के मुद्दे को लेकर केंद्र पर तंज करते हुए कहा कि सरकार ने ‘सही समाधान’ ढूंढ़ लिया है, जो यात्री ट्रेन को रद्द करने और कोयला से लदी ट्रेन (मालगाड़ी) चलाने का है। विभिन्न राज्यों में शुक्रवार को बिजली का संकट गहराया रहा। पिछले दिन के सवार्धिक 45 डिग्री सेल्सियस तापमान ने इस मांग को और बढ़ा दिया। विपक्षी दलों ने ताप संयंत्रों में कोयले की कमी के लिए केंद्र को जिम्मेदार ठहराया।

    इस मुद्दे को लेकर सरकार पर हमलावर होते हुए चिदंबरम ने कहा, ”प्रचुर मात्रा में कोयला, बड़े रेल नेटवर्क, ताप संयंत्रों में अप्रयुक्त क्षमता, फिर भी बिजली की भारी किल्लत है। केंद्र सरकार को दोष नहीं दिया जा सकता है। यह कांग्रेस के 60 साल के शासन के कारण है!” उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा, ”कोयला, रेलवे या बिजली मंत्रालयों में किसी तरह की अक्षमता नहीं है। दोष उक्त विभागों के पिछले कांग्रेस के मंत्रियों का है!” पूर्व केंद्रीय मंत्री ने सिलसिलेवार ट्वीट करते हुए कहा, ”सरकार ने इसका सही समाधान ढूंढ़ लिया है: यात्री ट्रेन रद्द करो और कोयला लदी ट्रेन को चलाओ! मोदी है, मुमकिन है।”
    गौरतलब है कि लू (हीटवेव) जारी रहने के कारण देशभर में बिजली की मांग शुक्रवार को 207.11 गीगावॉट के सर्वकालिक उच्चतम स्तर को छू गई और रेलवे ने कोयला माल ढुलाई की सुविधा के लिए 42 यात्री ट्रेन को रद्द कर दिया। इसके अलावा दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (एसईसीआर) डिवीजन के साथ, जो कोयला उत्पादक क्षेत्रों तक जाता है, ने 34 ट्रेन को रद्द कर दिया। आम आदमी पार्टी और कांग्रेस नेताओं ने मौजूदा बिजली संकट के लिए केंद्र को जिम्मेदार ठहराया और आरोप लगाया कि बिजली संयंत्रों को कोयला वितरण के लिए रसद सहायता प्रदान नहीं की जा रही है।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleनो मेंस लैंड पर नेपालियों ने जमीन पर किया कब्जा, बैरिकेडिंग कर लगाये धार्मिक झंडे
    Next Article पटियाला हिंसा: सीएम भगवंत मान ने बुलाई बैठक, तीन पुलिस अधिकारियों का तबादला, इंटरनेट भी बंद

    Related Posts

    रेलवे के अफसरों की हठधर्मिता चिंताजनकः सरयू राय

    April 27, 2026

    शिकार परब पर रोक को लेकर वन विभाग का जागरूकता अभियान, नुक्कड़ नाटक से दिया वन्यजीव संरक्षण का संदेश

    April 27, 2026

    जमशेदपुर बोधि सोसायटी में चित्रांकन प्रतियोगिता का आयोजन, 400 विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा

    April 27, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    हावड़ा बड़बिल जनशताब्दी के लेटलतीफी एवं रद्द कारण पं. बंगाल के वोटर परेशान

    जनजातीय योजनाओं में तेजी के निर्देश, ITDA समीक्षा बैठक में छात्रवृत्ति, साइकिल वितरण और निर्माण कार्यों पर सख्त रुख

    सरायकेला के पंचायतों में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का भौतिक सत्यापन अभियान

    हेलमेट नहीं तो चालान, दुगनी में सड़क सुरक्षा अभियान, जुर्माने के साथ बांटे गए हेलमेट

    चांडिल हत्याकांड में बड़ी सफलता: फरार शहनवाज खान उर्फ डाबर गिरफ्तार, कई संगीन मामलों का खुलासा

    करुणा सेचेन क्लिनिक में महिला मरीज का पुरुष कर्मी कर रहा था फिजियोथेरेपी और एक्सरे, भड़के विधायक संजीव सरदार

    आदित्यपुर में महिलाओं के स्वास्थ्य पर विशेष पहल, वार्ड 17 में हेल्थ कैंप, 70 महिलाओं को मिला लाभ

    चाईबासा कोषागार घोटाला: 45 लाख की अवैध निकासी में आरक्षी गिरफ्तार, जांच में और बड़े खुलासों के संकेत

    रेलवे के अफसरों की हठधर्मिता चिंताजनकः सरयू राय

    शिकार परब पर रोक को लेकर वन विभाग का जागरूकता अभियान, नुक्कड़ नाटक से दिया वन्यजीव संरक्षण का संदेश

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.