Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » सुप्रीम कोर्ट में कांवड़ रूट पर ‘नेमप्लेट’ के समर्थन में याचिका, सांप्रदायिक रंग देने का आरोप
    Breaking News Headlines उत्तर प्रदेश

    सुप्रीम कोर्ट में कांवड़ रूट पर ‘नेमप्लेट’ के समर्थन में याचिका, सांप्रदायिक रंग देने का आरोप

    Devanand SinghBy Devanand SinghJuly 25, 2024No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

     

    सुप्रीम कोर्ट में कांवड़ रूट पर ‘नेमप्लेट’ के समर्थन में याचिका, सांप्रदायिक रंग देने का आरोप
    नई दिल्ली. कांवड़ यात्रा के दौरान, दुकानदारों पर नेमप्लेट लगाने के निर्देश को लेकर खड़ा हुआ विवाद अभी भी शांत नहीं हुआ है. सुप्रीम कोर्ट ने नेमप्लेट लगाने की बाध्यता को खत्म करने का आदेश तो दे दिया है, लेकिन अब इस मुद्दे पर एक नई याचिका दायर की गई है जो इस मामले को और जटिल बना रही है.

     

     

    याचिकाकर्ता सुरजीत सिंह यादव ने मुजफ्फरपुर पुलिस के निर्देश का समर्थन करते हुए तर्क दिया है कि नेमप्लेट लगाना शिवभक्तों की सुविधा, उनकी आस्था और कानून व्यवस्था के लिए जरूरी है. उनका मानना है कि इस मुद्दे को जानबूझकर साम्प्रदायिक रंग दिया जा रहा है और दुकानदारों की बजाय कुछ राजनीतिक लोग इस मामले को आगे बढ़ा रहे हैं. उन्होंने खुद को इस मामले में पक्षकार बनाने और शिवभक्तों के मूल अधिकारों को ध्यान में रखते हुए अपना पक्ष रखने की मांग की है.

     

     

     

    इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने ने कहा था कि ढाबा मालिकों, फल विक्रेताओं, फेरीवालों और अन्य खाद्य विक्रेताओं को अपनी बिक्री की चीजों का नाम प्रदर्शित करने की जरूरत हो सकती है, लेकिन उन्हें अपने नाम का उजागर करने के लिए बाध्य नहीं किया जाना चाहिए. कोर्ट ने फिलहाल उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सरकार को नोटिस जारी किया है और अन्य राज्यों को भी नोटिस जारी करने की संभावना जताई है.

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleटाटा पावर गेट में मजदूरों ने अपनी समस्याओं को लेकर किया प्रदर्शन
    Next Article मनाली में बादल फटने से आई बाढ़, हाईवे पर बड़े बड़े पत्थर बहकर आए, मची अफरा तफरी

    Related Posts

    राष्ट्र संवाद हेडलाइंस jamshedpur

    July 12, 2026

    मुंबई हादसा: अंधेरी में BEST बस का तांडव, SV रोड पर कई वाहनों के उड़े परखच्चे

    July 12, 2026

    यूरेनियम डील से ऊर्जा सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता भारत

    July 12, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    राष्ट्र संवाद हेडलाइंस jamshedpur

    विकसित भारत की राह में जनसंख्या संतुलन का प्रश्न: ललित गर्ग का विशेष विश्लेषण

    मुंबई हादसा: अंधेरी में BEST बस का तांडव, SV रोड पर कई वाहनों के उड़े परखच्चे

    यूरेनियम डील से ऊर्जा सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता भारत

    क्या दुनिया तीसरे विश्व युद्ध की ओर बढ़ रही है? जानें इसके गंभीर परिणाम

    सत्ता का संघर्ष: क्या राजनीतिक दलों के भीतर का असंतोष लोकतंत्र को कमजोर कर रहा है?

    जामताड़ा पार्ट-2 बनता घाटशिला! जंगल, ढाबों और हाईवे से चल रहा साइबर ठगी का काला कारोबार

    रंगाटांड़ के मजदूर की चेन्नई में मौत, पसरा मातम, शव के पहुंचते ही रांगाटांड़ गांव में ग्रामीणों की भीड़

    भाजपा जमशेदपुर महानगर की मासिक संगठनात्मक बैठक हुई संपन्न, बूथ सशक्तिकरण और एसआईआर अभियान पर विशेष जोर

    13 करोड़ की योजनाओं का क्रियान्वयन हफ्ते भर में शुरु करवाएं अपर नगर आयुक्तःसरयू राय

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.