राष्ट्र संवाद संवाददाता
पोटका : प्रखंड के हेंसड़ा स्थित हरिजन बस्ती में पेयजल संकट ने गंभीर रूप ले लिया है। यहां रहने वाले करीब 20 परिवार पिछले 25 दिनों से पानी की भारी किल्लत झेल रहे हैं। बस्ती में मौजूद एकमात्र चापाकल खराब पड़ा है, जिससे लोगों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है।
पानी की समस्या से त्रस्त महिलाओं का गुस्सा आखिरकार फूट पड़ा। बड़ी संख्या में महिलाएं बाल्टी, डेगची और हंडी लेकर खराब चापाकल के पास जमा हुईं और जोरदार प्रदर्शन किया। महिलाओं ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ नाराजगी जताते हुए जल्द से जल्द चापाकल की मरम्मत की मांग की।
ग्रामीण बेनामी मुखी, मोनी मुखी और महावीर मुखी ने बताया कि बस्ती में यही एकमात्र चापाकल है, जो पिछले 25 दिनों से खराब है। कई बार विभाग, पंचायत मुखिया और जल सहिया से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई।
ग्रामीणों का कहना है कि चापाकल से बेहद कम पानी निकल रहा है, जिससे एक बाल्टी पानी भरने में काफी समय लग रहा है और महिलाओं के हाथों में दर्द तक होने लगा है।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि हरिजन बस्ती तक विकास की किरणें अब तक नहीं पहुंची हैं। प्रशासन की उदासीनता से नाराज महिलाओं ने अनोखे तरीके से प्रदर्शन कर विभाग की “कुंभकरणीय नींद” तोड़ने की कोशिश की।
अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कब तक कार्रवाई करता है और बस्ती के लोगों को राहत मिलती है या नहीं।

