गुरु तेग बहादुर जी के जीवन से बच्चो को अवगत कराये माता पिता :जमशेदपुरी
जमशेदपुर के प्रचारक हरविंदर सिंह जमशेदपुरी
ने सिक्ख संगत से से अपील की है की गुरु तेग बहादुर जी के 400 साला सताब्दी को समर्पित जहा गुरबाणी का पाठ कर रहे है वही घर में बच्चो को गुरु तेग बहादुर जी की जीवनी से अवगत कराये ताकि हमारे बच्चे भी गुरु साहिब के बताये हुए मार्ग में चल सके हरविंदर ने बताया की गुरु साहिब ने अपना सीस अपरपन कर दिया पर धर्म को झुकने नहीं दिया हरविंदर ने इतिहास का हवाला दे कर बताया की गुरु तेग बहादुर जी का जन्म1621 को अमृतसर में हुआ उनके पिता जी का नाम गुरु हरगोबिंद साहिब जी था एवं माता जी का नाम नानकी जी था बचपन में गुरु जी का नाम तयाग मल था जब उनके पिता जी ने एक जंग में उनके हाथो में तेग चलते देखी तो उनका नाम तेग बहादुर रख दिया हरविंदर ने कहा की गुरु साहिब ने हमें निडर बनाया है उन्होने गुरबाणी में भी कहा है ” भै काहू को देत नेह नेह भै मानत आन ” अर्थात किसी को भय नहीं देना और किसी का भय नहीं लेना हमें गुरु साहिब ने निडर बनाया है तो अब हमें निडर हो के हर एक चीज का सामना करना है हरविंदर ने कहा की हर सिक्ख को अपनी जिम्मेदारी से उनके जीवन को पढ़ने की जरुरत है ताकि हमारे बच्चे सीखी सिधान्तो में चल सके जिस तरीके से गुरु तेग बहादुर जी के पोते 4 साहिबजादे उनके मार्ग पे चले उसी तरीके हमें भी अपने बच्चो को प्रेरित करने की जरूरत है

