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    Home » केंद्रीय विद्यालय जादूगोड़ा में नामांकन विवाद, आदिवासी बच्चों की अनदेखी का आरोप; अभिभावकों ने किया जोरदार विरोध
    झारखंड सरायकेला-खरसावां

    केंद्रीय विद्यालय जादूगोड़ा में नामांकन विवाद, आदिवासी बच्चों की अनदेखी का आरोप; अभिभावकों ने किया जोरदार विरोध

    Aman OjhaBy Aman OjhaJune 24, 2026No Comments2 Mins Read
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    राष्ट्र संवाद संवाददाता सुनील शर्मा 

     

    यूसिल द्वारा संचालित परमाणु ऊर्जा केंद्रीय विद्यालय, जादूगोड़ा में बाल वाटिका-01 के नामांकन को लेकर विवाद गहरा गया है। विद्यालय की नामांकन प्रक्रिया में आदिवासी एवं विस्थापित परिवारों के बच्चों को पर्याप्त अवसर नहीं मिलने के आरोप लगाते हुए तुरामडीह यूरेनियम प्रोजेक्ट से सटे आदिवासी बहुल गांव आहारघुटू में ग्राम प्रधानों और अभिभावक संघ की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विद्यालय प्रबंधन की नामांकन नीति के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज कराया गया तथा भविष्य में आंदोलन की चेतावनी दी गई।

     

    बैठक की अध्यक्षता झामुमो नेता बाघराय मार्डी ने की। उन्होंने कहा कि बाल वाटिका-01 में नामांकन के लिए कुल 45 अभिभावकों ने आवेदन किया था। विद्यालय प्रबंधन द्वारा 0 से 1 किलोमीटर दायरे के 22 आवेदनों को लॉटरी प्रक्रिया में शामिल किया गया, जिसमें केवल 8 बच्चों का चयन हुआ जबकि शेष 23 बच्चों को नामांकन से वंचित रहना पड़ा। इससे स्थानीय अभिभावकों में भारी नाराजगी है।

     

    बाघराय मार्डी ने आरोप लगाया कि जिन गांवों की जमीन पर यूसिल की परियोजनाएं स्थापित हैं, उन्हीं विस्थापित और प्रभावित परिवारों के बच्चों को शिक्षा के अधिकार से दूर रखा जा रहा है। उन्होंने मांग की कि जादूगोड़ा, भाटीन, रूआम, माटीगोंडा, मेचुआ, टिलाईटांड़ और कुलामारा समेत 0 से 5 किलोमीटर दायरे के सभी प्रभावित गांवों के बच्चों को नामांकन प्रक्रिया में प्राथमिकता दी जाए।

     

    अभिभावक संघ ने यह भी मांग उठाई कि विद्यालय में एसटी, एससी, ओबीसी और सामान्य वर्ग के लिए अलग-अलग कोटा निर्धारित कर बाल वाटिका से लेकर कक्षा-1 तक पारदर्शी नामांकन व्यवस्था लागू की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि आगामी सत्रों में बाल वाटिका-02, बाल वाटिका-03 और कक्षा-1 के नामांकन में भी लॉटरी प्रणाली जारी रही तो इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा।

     

    बैठक में उपस्थित ग्रामीणों और अभिभावकों ने चेतावनी दी कि यदि विद्यालय प्रबंधन और यूसिल प्रशासन ने स्थानीय बच्चों के हितों को ध्यान में रखते हुए नामांकन नीति में सुधार नहीं किया, तो व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति उत्पन्न होने पर इसकी पूरी जिम्मेदारी यूसिल प्रबंधन और विद्यालय प्रशासन की होगी।

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