राष्ट्र संवाद संवाददाता
पश्चिम सिंहभूम जिले के चाईबासा सदर अस्पताल और चक्रधरपुर अनुमंडल अस्पताल में कार्यरत राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा स्वास्थ्य कर्मियों एवं सहियाओं ने लंबित मानदेय, बकाया भुगतान, 8 प्रतिशत वेतन वृद्धि, बोनस तथा अन्य मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। हड़ताल के कारण अस्पताल और ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित कई स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो गई हैं।
इस बीच हड़ताल में शामिल चक्रधरपुर अनुमंडल अस्पताल की एक नर्स बीमार पड़ गयी है। बीमार नर्स का नाम शोभा केरकेट्टा है। नर्स शोभा केरकेट्टा की बिगडती हालत को देखते हुए उसे अनुमंडल अस्पताल में भर्ती किया गया है। जहाँ उसका ईलाज जारी है। वहीँ इसके बावजूद बाकी कर्मियों ने अपना हड़ताल बुधवार को भी जारी रखा है।
स्वास्थ्य कर्मियों ने अस्पताल परिसर में धरना प्रदर्शन कर अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की मांग कर रही हैं। स्वास्थ्य कर्मियों का कहना है कि जो घर बैठी महिलाएं हैं उन्हें सरकार मैया सम्मान योजना के तहत ढाई हजार महीना दे रही है। लेकिन जो सरकार के काम को सरकारी आदेश पर पूरा कर रही हैं, उन्हें सरकार दो हजार रूपया महिना भी नहीं दे पा रही है। जो कि बड़ा दुर्भाग्य की स्थिति है। सहिया और नर्स दीदियों को घर चलाना मुश्किल हो गया है।
कर्मियों का आरोप है कि उन्हें पिछले छह महीनों से वेतन नहीं मिला है, जिससे आर्थिक संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है। आंदोलन में शामिल 103 स्वास्थ्य कर्मियों में एएनएम, लैब टेक्नीशियन, कंप्यूटर ऑपरेटर और चिकित्सक भी शामिल हैं।
हड़ताल में शामिल कर्मियों से मिलने पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा समेत भाजपा नेताओं का प्रतिनिधिमंडल अस्पताल पहुंचा और आंदोलन को समर्थन दिया। मधु कोड़ा ने कहा कि स्वास्थ्य कर्मियों की मांगें पूरी तरह जायज हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं को राज्यपाल और मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया जाएगा।
स्वास्थ्य कर्मियों की प्रमुख मांगों में सभी लंबित मानदेय और बकाया राशि का तत्काल भुगतान, 8 प्रतिशत वेतन वृद्धि, लंबित बोनस का भुगतान तथा प्रत्येक माह की 5 तारीख तक नियमित मानदेय भुगतान सुनिश्चित करना शामिल है।
हड़ताल के चलते ओपीडी पंजीकरण, टीकाकरण, लैब जांच, डाटा एंट्री, पोषण कार्यक्रम और अन्य आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। इससे मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्वास्थ्य कर्मियों ने स्पष्ट किया है कि मांगें पूरी नहीं होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

