अग्रसेन जयंती के अवसर पर मारवाड़ी सम्मेलन ने पितामह महाराजा अग्रसेन को दी श्रद्धांजलि
राष्ट्र संवाद संवाददाता
अग्रसेन जयंती के पावन अवसर पर महाराजा अग्रसेन ज्ञान मंदिर, श्री टाटानगर गौशाला, जुगसलाई में महाराजा अग्रसेन जी एवं कुलदेवी माता महालक्ष्मी जी की पूजा-अर्चना, माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर पूर्वी सिंहभूम जिला मारवाड़ी सम्मेलन एवं झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के पदाधिकारियों एवं सम्मानित सदस्यों ने श्रद्धांजलि दी गई।
महाराजा अग्रसेन एक सूर्यवंशी क्षत्रिय राजा थे, जिनका जन्म महाभारत काल में द्वापर युग के अंतिम चरणों में हुआ था और भगवान कृष्ण के समकालीन थे। महाराजा अग्रसेन भगवान राम के पुत्र कुश के 34 वीं पीढ़ी के हैं । महाराज अग्रसेन ने 18 गोत्र की स्थापना की जो 18 ऋषियों के नाम पर आधारित है, जिनसे अग्रवाल गोत्र अस्तित्व में आए।महाराजा अग्रसेन जी, जो समता, सहयोग, सत्य और सेवा के प्रतीक माने जाते हैं, ने “एक ईंट और एक रुपया” के सिद्धांत के माध्यम से समाज में बंधुत्व, समानता और आत्मनिर्भरता का अद्वितीय संदेश दिया। उनके आदर्श आज भी समाज के लिए मार्गदर्शक हैं।
महाराजा अग्रसेन की पूजा में जजमान पूर्वी सिंहभूम जिला मारवाड़ी सम्मेलन अध्यक्ष मुकेश मित्तल रहे। तत्पश्चात गौ सेवा भी की गई और प्रसाद वितरण हुआ। जय अग्रसेन और जय मारवाड़ के नारों से मंदिर परिसर गूंज उठा। इस अवसर पर मुख्य रूप से झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन संयुक्त महामंत्री भोला चौधरी, संयुक्त महामंत्री विमल अग्रवाल, मुरलीधर केडिया, जिला महासचिव प्रदीप कुमार मिश्रा, शंकर मित्तल जुगसलाई, किशोर गोलछा, विश्वनाथ शर्मा, प्रमोद सरायवाला, राजेश रिंगसिया, सुशील रामरायका, विजय कुमार गोयल, पवन अग्रवाल पप्पी, श्रवण देबुका, ललित गढ़वाल, कमल लड्ढा, अमित सरायवाला, दीपक अग्रवाल गोलमुरी, संतोष अग्रवाल एवं अन्य उपस्थित रहे।

