राष्ट्र संवाद संवाददाता
बहरागोड़ा प्रखण्ड क्षेत्र गुहियापाल,मौदा,खांडामौदा,कैमी, गांडानाटा,कोटशोल,माटिहाना,बेंदा गाँव में शुक्रवार को ओड़िया समुदाय मनाया ‘पखाल दिवस’ आनंद लिये।
ओडिशा की अस्मिता, परंपरा और साधारण जीवनशैली का प्रतीक ‘पखाल’ आज वैश्विक मंच पर अपनी चमक बिखेर रहा है। आज 20 मार्च को समेत दुनिया भर में बसे ओड़िया लोग ‘विश्व पखाल दिवस’ हर्षोल्लास के साथ मना रहे हैं। आज हर किसी की थाली में ठंडी तासीर वाला यह व्यंजन परोसा जा रहा है।
पखाल के साथ कई व्यंजनों का आनंद
पखाल, जिसे पानी भात भी कहा जाता है, के साथ आलू का भर्ता, टमाटर की चटनी, बड़ी का चूरा, साग, ऑमलेट या मछली फ्राई समेत विभिन्न प्रकार की मछलियों की सब्जी खाई जाती है. साथ ही, करेले के चिप्स, अचार और चटनी इसका स्वाद और बढ़ा देते हैं. इसके अलावा, कुमड़ा (कद्दू) के फूल के पकौड़े भी लोग खूब मजे से खाते हैं.

