पुलिया नहीं तो वोट नहीं— घाटशिला उपचुनाव से पहले बनकाई में ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
अधूरी सड़क और पुलिया निर्माण की मांग को लेकर किया प्रदर्शन, चुनाव बहिष्कार की चेतावनी
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर/मुसाबनी: घाटशिला विधानसभा उपचुनाव से पहले मुसाबनी प्रखंड के बनकाई गांव में रविवार को ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आया। ग्रामीणों ने अधूरी सड़क और पुलिया निर्माण को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया और नारे लगाए — “पुलिया नहीं तो वोट नहीं”।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आगामी चुनावों का बहिष्कार करेंगे। उनका कहना है कि दीगड़ी मोड़ से बनकाई होते हुए कोतोपातक तक करीब 10 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण ग्रामीण कार्य विभाग, जमशेदपुर के माध्यम से कराया जा रहा है। इस मार्ग पर 4 से 5 बड़े पुलिया बनना जरूरी है, क्योंकि बरसात के दौरान जलजमाव से आसपास के दर्जनों गांवों का संपर्क कट जाता है।
सूत्रों के अनुसार, ग्रामीण कार्य विभाग के तत्कालीन कार्यपालक अभियंता राजेश रजक ने लगभग छह माह पहले चार बड़े पुलों और पहाड़ी क्षेत्र में पीसीसी निर्माण का पुनरीक्षित प्राक्कलन अधीक्षण अभियंता, चाईबासा के माध्यम से मुख्य अभियंता, रांची को भेजा था। वहीं, वर्तमान कार्यपालक अभियंता नीरज मिश्रा ने भी एक माह पूर्व सड़क का निरीक्षण कर ग्रामीणों को पुल निर्माण का आश्वासन दिया था।
हालांकि अब तक मुख्य अभियंता, रांची द्वारा इस पुनरीक्षित प्राक्कलन को स्वीकृति नहीं मिली है। ग्रामीणों का आरोप है कि विभागीय लापरवाही और देरी के कारण सड़क निर्माण अधूरा पड़ा है, जिससे उन्हें बरसात में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों ने कहा कि झारखंड राज्य के ग्रामीण कार्य विभाग के अन्य प्रमंडलों के अधिकांश प्राक्कलन स्वीकृत किए जा चुके हैं, पर बनकाई मार्ग से जुड़ा प्रस्ताव अब भी लंबित है। उन्होंने सवाल उठाया कि छह महीने बीत जाने के बाद भी फाइल पर निर्णय न लेना मुख्य अभियंता कार्यालय की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
स्थानीय ग्रामीण बुधन सिंह बानरा और स्थानीय महिला आरती देवगम ने कहा कि अगर विभाग ने जल्द पहल नहीं की, तो ग्रामीण सड़क निर्माण कार्य का विरोध तेज करेंगे और आगामी चुनाव में मतदान से दूर रहेंगे।

