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    एनआईए ने झारखंड में आतंकी संगठन को फिर से खड़ा करने के मामले में आरोपपत्र दायर किया

    News DeskBy News DeskSeptember 26, 2025No Comments2 Mins Read
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    एनआईए ने झारखंड में आतंकी संगठन को फिर से खड़ा करने के मामले में आरोपपत्र दायर किया

    राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएलएफआई) से जुड़े आतंकी षड्यंत्र और जबरन वसूली के मामले में एक और आरोपी के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया है।

    उस पर झारखंड और पड़ोसी राज्यों में इस आतंकवादी समूह को फिर से खड़ा करने और मजबूत करने की कोशिश का आरोप है।

    झारखंड के रांची जिले का कृष्णा यादव उर्फ ​​कृष्णा महतो उर्फ ​​सुल्तान इस मामले में आरोपित होने वाला सातवां आरोपी है।

    जांच एजेंसी द्वारा शुक्रवार को जारी एक बयान में कहा गया, “रांची स्थित एनआईए की विशेष अदालत में आज दायर तीसरे पूरक आरोपपत्र में, उस पर भारतीय दंड संहिता और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं।”

     

     

    बयान में कहा गया है कि एनआईए ने अपनी जांच के दौरान पाया कि यादव ने प्रतिबंधित संगठन को फिर से खड़ा करने और मजबूत करने के लिए आतंकवादी संगठन पीएलएफआई और एक गैरकानूनी संघ के अन्य कार्यकर्ताओं और सदस्यों के साथ मिलकर साजिश रची थी। एनआईए ने अक्टूबर 2023 में स्वतः संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया था।

    यह संगठन भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने और झारखंड, बिहार, छत्तीसगढ़ तथा ओडिशा में कोयला व्यापारियों, ट्रांसपोर्टर, रेलवे ठेकेदारों और व्यापारियों से जबरन वसूली और उगाही बढ़ाने के तरीके खोजने में लगा हुआ है।

     

     

    बयान में कहा गया है, “पीएलएफआई सदस्यों ने जनता, खासकर व्यापारियों और ठेकेदारों में आतंक पैदा करने के लिए हत्या, आगजनी और हमलों सहित विभिन्न आतंकवादी गतिविधियों की भी साजिश रची थी।”

    एनआईए ने 2024 में आरोपी निवेश कुमार उर्फ ​​निवेश पोद्दार, रमन कुमार सोनू उर्फ ​​सोनू पंडित, कपिल पाठक, बिनोद मुंडा, नीलांबर गोप उर्फ ​​डेलगा उर्फ ​​डिकल और शिव कुमार साहू उर्फ ​​चरकू के खिलाफ दो पूरक आरोपों सहित तीन आरोपपत्र दायर किए थे।

     

     

    आतंकवाद-रोधी एजेंसी अन्य षड्यंत्रकारियों की पहचान करने के लिए मामले की जांच जारी रखे हुए है।

    एनआईए ने झारखंड में आतंकी संगठन को फिर से खड़ा करने के मामले में आरोपपत्र दायर किया
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