UCIL के हीरक जयंती समारोह के बीच अधिकारी का व्यंग्यात्मक पोस्टर वायरल, विस्थापन का दर्द उठाया
‘देश के विकास के नाम पर विनाश का सच’ और ‘हमारी जमीन, हमारा घर, हमारा हक’ के नारों ने खींचा ध्यान
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जादूगोड़ा। यूरेनियम कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (UCIL) के 60वें स्थापना दिवस यानी हीरक जयंती समारोह के बीच कंपनी से जुड़े अधिकारी डी. हांसदा का एक व्यंग्यात्मक पोस्टर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। पोस्टर के माध्यम से उन्होंने विकास के साथ विस्थापन और स्थानीय लोगों के अधिकारों से जुड़े सवाल उठाए हैं।
पोस्टर में हीरक जयंती के लोगो के साथ ‘60 वर्षों की प्रगति, एक जटिल विरासत’ का संदेश दिया गया है। वहीं, ‘देश के विकास के नाम पर विनाश का सच’, ‘हमारी जमीन, हमारा घर, हमारा हक’ और ‘60 साल का जश्न, इंसानी कीमत को भी याद रखें’ जैसे नारों के जरिए विस्थापितों के दर्द को सामने लाने की कोशिश की गई है।
डी. हांसदा UCIL से जुड़े कार्मिक अधिकारी होने के साथ कंपनी के अनुसूचित जनजाति मोर्चा के सचिव भी बताए गए हैं। ऐसे में उनके पोस्टर को संस्थान के भीतर से उठी एक महत्वपूर्ण आवाज के रूप में देखा जा रहा है।
पोस्टर के जरिए जादूगोड़ा, नरवा, तुरामडीह और बागजाता जैसे खनन क्षेत्रों में जमीन अधिग्रहण, विस्थापन, रोजगार और स्थानीय लोगों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर ध्यान आकर्षित किया गया है। हीरक जयंती के जश्न के बीच यह पोस्टर विकास की उपलब्धियों के साथ उससे जुड़ी सामाजिक कीमत पर भी चर्चा की मांग कर रहा है।

