विस्थापित का बेटा भूख हड़ताल पर
राष्ट्र संवाद संवाददाता
बोकारो:जिस जमीन पर बोकारो स्टील प्लांट खड़ा हुआ, उसी जमीन को देने वाले विस्थापित परिवार का एक बेटा आज नौकरी के लिए अपने परिवार और बच्चों के साथ भूख हड़ताल पर बैठा है। मामला बोकारो जनरल अस्पताल में आउटसोर्सिंग के जरिए मिली नौकरी से हटाए जाने का है। सजल कुमार का दावा है कि उन्हें नौकरी से हटाए जाने के मामले में सहायक श्रमायुक्त केंद्रीय, धनबाद-2 की ओर से 24 जून 2026 को आदेश भी पारित किया गया, लेकिन इसके बावजूद उन्हें दोबारा काम पर नहीं लिया गया। अब इंसाफ और रोजगार की मांग को लेकर सजल कुमार टूटेन गार्डन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं।
एक तरफ बोकारो के विकास की कहानी… और दूसरी तरफ उसी विकास के लिए जमीन देने वाले विस्थापित परिवार की नौकरी के लिए जद्दोजहद।
सजल कुमार का कहना है कि उनके परिवार ने बोकारो स्टील प्लांट के निर्माण के लिए अपनी जमीन दी थी। उम्मीद थी कि आने वाली पीढ़ी को रोजगार और बेहतर भविष्य मिलेगा। लेकिन आज वही परिवार नौकरी के लिए संघर्ष करने को मजबूर है।
सजल कुमार के मुताबिक, 10 अप्रैल 2023 को बोकारो जनरल अस्पताल में आउटसोर्सिंग कंपनी इंटेलिजेंस सिक्योरिटी ऑफ इंडिया के जरिए उन्हें सुपरवाइजर के पद पर नियुक्त किया गया था। उनका दावा है कि करीब चार महीने काम करने के बाद उन्हें बिना स्पष्ट कारण बताए नौकरी से हटा दिया गया।
नौकरी जाने के बाद सजल कुमार ने सेल प्रबंधन और संबंधित आउटसोर्सिंग कंपनी से दोबारा नियुक्ति की मांग की। मामला श्रम विभाग तक पहुंचा। सजल कुमार के अनुसार, सहायक श्रमायुक्त केंद्रीय, धनबाद-2 ने 24 जून 2026 को इस मामले में आदेश पारित किया।
लेकिन उनका आरोप है कि आदेश के बावजूद अब तक उन्हें काम पर वापस नहीं लिया गया।
लंबे इंतजार के बाद सजल कुमार ने अब आंदोलन का रास्ता चुना है। अपने परिवार और बच्चों के साथ वे टूटेन गार्डन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उनका कहना है कि यह सिर्फ उनकी नौकरी का सवाल नहीं, बल्कि उनके परिवार के भविष्य और विस्थापितों के अधिकार से जुड़ा मामला है। कुमार का कहना है कि जब तक उनकी नौकरी के मामले का समाधान नहीं होता, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
हालांकि, नौकरी से हटाए जाने और सहायक श्रमायुक्त के आदेश के अनुपालन को लेकर सेल प्रबंधन और संबंधित आउटसोर्सिंग कंपनी का पक्ष सामने आना अभी बाकी है।

