ब्रजभूषण के आरोपों के बीच रामदेव के समर्थन में उतरे विनोद तावड़े, बढ़ी सियासी हलचल
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जेपी गुप्ता
लखनऊ। भाजपा के पूर्व सांसद ब्रजभूषण शरण सिंह और योग गुरु बाबा रामदेव के बीच पतंजलि के उत्पादों को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक चर्चा का विषय बनता जा रहा है। बाबा रामदेव के आयुर्वेदिक एवं अन्य स्वदेशी उत्पादों पर ब्रजभूषण शरण सिंह की टिप्पणियों के बाद शुरू हुई बहस के बीच भाजपा के उत्तर प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े की बाबा रामदेव से मुलाकात ने मामले को और चर्चा में ला दिया है।
ब्रजभूषण शरण सिंह ने पतंजलि के उत्पादों की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए कथित तौर पर नकली घी की बिक्री का आरोप लगाया था। उन्होंने यह भी कहा था कि पतंजलि के कई उत्पाद निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरते और कुछ खाद्य पदार्थों तथा अन्य उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए जाते रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्ष का आधिकारिक पक्ष अलग हो सकता है।
पूर्व सांसद ने कथित मानहानि के मामले में अदालत की कार्रवाई का सामना करने की बात कहते हुए कहा था कि यदि उनके बयान पर उन्हें जेल भेजा जाता है तो वह जेल जाने और वहां रहने को तैयार हैं तथा जमानत नहीं कराएंगे। उन्होंने पतंजलि और उससे जुड़े उत्पादों के संबंध में पूर्व में हुई विभिन्न कार्रवाइयों और जुर्माने का भी उल्लेख किया था।
इसी बीच ब्रजभूषण शरण सिंह और बाबा रामदेव के बीच बढ़ी तल्खी के बीच भाजपा नेता विनोद तावड़े की रामदेव से मुलाकात महत्वपूर्ण मानी जा रही है। मुलाकात के बाद तावड़े ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर भारतीय चिकित्सा परंपरा, जड़ी-बूटियों और आयुर्वेद को आधुनिक रूप में जन-जन तक पहुंचाने के लिए बाबा रामदेव के प्रयासों की सराहना की।
तावड़े ने अपने संदेश में कहा कि रामदेव स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा दे रहे हैं, जिससे देश का पैसा देश में ही खर्च हो और विदेशी उत्पादों पर निर्भरता कम हो। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रयास से बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिल रहा है। उन्होंने पतंजलि के माध्यम से योग और आयुर्वेद को व्यापक स्तर पर पहुंचाने की भी प्रशंसा की।
विनोद तावड़े के इस सार्वजनिक समर्थन के बाद राजनीतिक हलकों में इस मुलाकात को ब्रजभूषण शरण सिंह और बाबा रामदेव के बीच चल रहे विवाद के संदर्भ में देखा जा रहा है। एक ओर जहां ब्रजभूषण शरण सिंह उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठा रहे हैं, वहीं भाजपा के वरिष्ठ नेता द्वारा रामदेव के प्रयासों की सार्वजनिक सराहना किए जाने से इस विवाद को लेकर राजनीतिक चर्चा और तेज हो गई है।

