चतरा में भाड़ा वीआईपी वाला, सुविधा शून्य, दोगुना किराया से बढ़ रहा विवाद, यात्रियों की रोजाना बस एजेंटों से तू-तू, मैं-मैं
कंडम बसों पर मेहरबानी से सुरक्षा पर उठ रहे सवाल, परिवहन विभाग की कार्रवाई का इंतजार
राष्ट्र संवाद संवाददाता
चतरा: जिले में यात्री बसों के किराये को लेकर यात्रियों की परेशानी लगातार बढ़ रही है। विभिन्न मार्गों पर किराये में एकरूपता नहीं होने से बस में बैठने के बाद यात्रियों और एजेंटों के बीच अक्सर विवाद की स्थिति बन रही है। यात्रियों का आरोप है कि स्पष्ट और नियमानुसार भाड़ा निर्धारण नहीं होने का फायदा उठाकर बस संचालक मनमाना किराया वसूल रहे हैं।यात्रियों के मुताबिक चतरा से हजारीबाग की करीब 60 किलोमीटर दूरी के लिए कई बसों में 150 रुपये तक किराया लिया जा रहा है। वहीं करीब 80 किलोमीटर दूर गया जाने के लिए भी 150 रुपये तक वसूले जाने की बात सामने आ रही है। दूसरी ओर चतरा से रांची जाने वाले यात्रियों से बस के अनुसार 250 से 300 रुपये तक किराया लिए जाने का दावा है। यात्रियों का कहना है कि अलग-अलग बसों में अलग किराया होने से सफर शुरू होने के बाद विवाद की स्थिति पैदा हो जाती है।
*मनमाने किराये के साथ सुरक्षा भी सवालों के घेरे में..?*
यात्रियों की शिकायत सिर्फ किराये तक सीमित नहीं है। कई यात्री बसों की स्थिति और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठा रहे हैं। यात्रियों का आरोप है कि कुछ पुराने और जर्जर वाहनों का संचालन अब भी जारी है। ऐसे वाहनों की फिटनेस और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग की नियमित जांच और कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। कुछ यात्रियों ने बस एजेंटों पर कथित रूप से नशे के हालत में मनमाना भाड़ा के लिये दबाव बनाने और किराये को लेकर बहस होने पर दुर्व्यवहार करने का भी आरोप लगाया है।
*रेट चार्ट सार्वजनिक हो तो कम होगा विवाद*
यात्रियों ने उपायुक्त रवि आनंद और डीटीओ से मामले में पहल की मांग की है। उनका कहना है कि परिवहन विभाग को विभिन्न मार्गों का निर्धारित किराया स्पष्ट करते हुए बस स्टैंड और प्रत्येक बस में रेट चार्ट प्रदर्शित कराना चाहिए। साथ ही बसों की फिटनेस, परमिट और सुरक्षा मानकों की जांच नियमित रूप से होनी चाहिए। यात्रियों का कहना है कि निर्धारित किराया और बसों की सुरक्षा व्यवस्था स्पष्ट होने से मनमानी पर रोक लगेगी और सफर के दौरान यात्रियों को अनावश्यक विवाद का सामना नहीं करना पड़ेगा।

