यूसील की वादाख़िलाफ़ी से विस्थापितों में उबाल, रियर गेट जाम कर अयस्क ढुलाई ठप
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जादूगोड़ा।
यूरेनियम कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (यूसील) द्वारा वर्षों से की जा रही वादाख़िलाफ़ी के विरोध में शुक्रवार को विस्थापितों का आक्रोश फूट पड़ा। जोआर संगठन के नेतृत्व में सुबह 6 बजे से दोपहर 1 बजे तक यूसील के रियर गेट को जाम कर दिया गया, जिससे अयस्क ढुलाई पूरी तरह बंद रही और कंपनी को भारी नुकसान उठाना पड़ा।
आंदोलन में लगभग डेढ़ सौ विस्थापित एवं उनके परिजन शामिल हुए। इसके बाद रियर गेट से अस्पताल चौक तक करीब 50 मोटरसाइकिलों की आक्रोश रैली निकाली गई, जिसमें यूसील विरोधी नारे लगाए गए।
संगठन के अध्यक्ष घनश्याम विरुली ने आरोप लगाया कि यूसील पिछले दस वर्षों से विस्थापितों के साथ वादाख़िलाफ़ी कर रहा है। उन्होंने बताया कि प्रमुख मांगों में विस्थापितों को नौकरी, मृतक आश्रितों को रोजगार, गांवों में मूलभूत सुविधाएं, चाटी कोचा के विस्थापितों का पुनर्वास लाभ, अयस्क ढुलाई में लगे डंपरों की फिटनेस जांच व ढककर परिचालन, यूसील अस्पताल चौक से रियर गेट तथा जादूगोड़ा मोड़ चौक से भाटिन माइंस तक स्ट्रीट लाइट, पूजा स्थलों की शुद्धि व सौंदर्यीकरण, आसपास के क्षेत्र में शिक्षा व चिकित्सा सुविधाएं शामिल हैं।
विस्थापितों का आरोप है कि यूसील प्रबंधन केवल वार्ता करता है, लेकिन मांगें पूरी नहीं करता। चेतावनी दी गई कि यदि शीघ्र मांगें नहीं मानी गईं तो टेलिंग पाउंड की पाइपलाइन बंद कर दी जाएगी, जिसकी जिम्मेदारी यूसील प्रबंधन की होगी।
रियर गेट जाम के बाद यूसील प्रबंधन हरकत में आया और वार्ता के लिए बुलाया गया, लेकिन विस्थापितों ने 22 दिसंबर को वार्ता की तिथि तय की है। तय समय तक समाधान नहीं होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी गई है। आंदोलन के दौरान भारी संख्या में विस्थापित मौजूद रहे।

