भाजपा नेता हरि मोहन मिश्रा ने मिहिजाम के हांसी पहाड़ी में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को किया नमन
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर मिहिजाम हांसी पहाड़ी स्थित हरि मंदिर प्रांगण में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अगुवाई भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता हरि मोहन मिश्रा शामिल हुए। कार्यक्रम में दोनों महापुरुषों के जीवन, आदर्शों और उनके योगदान पर विस्तार से चर्चा की गई। हरि मोहन मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने बताया कि किस प्रकार गांधी ने सत्य, अहिंसा और स्वदेशी के सिद्धांतों के साथ देश को स्वतंत्रता की ओर अग्रसर किया। वहीं शास्त्री जी की सादगी, ईमानदारी और जय जवान, जय किसान का नारा आज भी प्रासंगिक है। हरि मोहन मिश्रा ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए ‘स्वदेशी अपनाओ’ के नारे को भी बल दिया। उन्होंने उपस्थित लोगों को स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया और बताया कि स्वदेशी अपनाकर हम न केवल देश की अर्थव्यवस्था को सशक्त बना सकते हैं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के सपने को भी साकार कर सकते हैं। उन्होंने गांधी जी के खादी और स्वदेशी के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने स्वतंत्रता संग्राम के समय थे। प्रधानमंत्री मोदी जी उसी भावना को पुनः जीवित कर रहे हैं। हमें आत्मनिर्भर भारत की ओर बढ़ने के लिए स्वदेशी को अपनाना ही होगा। कार्यक्रम में सैकड़ों महिला-पुरुषों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। हरि मोहन मिश्रा द्वारा खादी वस्त्र धारण कर गांधीजी को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। साथ ही, वहां उपस्थित बुजुर्ग महिलाओं को खादी वस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया, जिससे कार्यक्रम में एक भावनात्मक और सामाजिक समरसता का माहौल बना।स्थानीय नागरिकों और महिलाओं ने भी कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। बच्चों द्वारा देशभक्ति गीत और गांधी जी के प्रिय भजन प्रस्तुत किए गए। कार्यक्रम के अंत में स्वदेशी अपनाने की शपथ दिलाई गई और सभी से अपील की गई कि वे विदेशी उत्पादों की जगह स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता दें। इस आयोजन से यह स्पष्ट संदेश गया कि गांधी और शास्त्री जैसे महापुरुषों की शिक्षाएं आज भी जनमानस को प्रेरित करती हैं, और प्रधानमंत्री मोदी द्वारा दिया गया ‘स्वदेशी’ का नारा उन्हीं आदर्शों की आधुनिक अभिव्यक्ति है। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ और सभी ने देश के प्रति अपने कर्तव्यों को निभाने का संकल्प लिया।

