कालीपहाड़ी के तीन लाभुकों पर फर्जी विकलांग पेंशन का आरोप, मानीक घोष ने दी सफाई
निजाम खान। राष्ट्र संवाद
जामताड़ा: जिले नाला प्रखंड के कास्ता पंचायत अंतर्गत कालीपहाड़ी गांव के तीन लाभुक — मानीक घोष, अजय घोष और आलोचना घोष — पर फर्जी तरीके से विकलांग पेंशन का लाभ लेने का आरोप लगने के बाद मामला चर्चा में है। किसी अज्ञात व्यक्ति ने प्रशासन से शिकायत की थी कि ये तीनों फर्जी तरीके से पेंशन प्राप्त कर रहे हैं। इस शिकायत के बाद नाला प्रखंड विकास पदाधिकारी कार्यालय से नोटिस जारी कर इन तीनों से स्पष्टीकरण मांगा गया। इस संबंध में राष्ट्र संवाद पर पहले खबर प्रकाशित हुई थी, लेकिन उस समय इन तीनों का पक्ष सामने नहीं आया था।
अब मानीक घोष ने फोन के माध्यम से राष्ट्र संवाद से बातचीत में कहा कि उनके सहित अजय घोष और आलोचना घोष — तीनों का विकलांग प्रमाण-पत्र पूरी तरह सही है और वे वास्तविक रूप से विकलांग हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे विकलांग पेंशन पाने के हकदार हैं और फर्जीवाड़े का कोई मामला नहीं है। मानीक घोष ने कहा, “हमने कभी भी गलत तरीके से लाभ नहीं लिया है। जो शिकायत की गई है, वह पूरी तरह झूठी है।”
बहरहाल, मामला अब जांच के दायरे में आ गया है।
