गोहलामुड़ा स्थित ग्लोबल स्प्रिट लिमिटेड द्वारा CSR कार्यों की उपेक्षा से ग्रामीणों में रोष।
राष्ट्र संवाद संवाददाता
बहरागोड़ा प्रखंड के पूर्वांचल क्षेत्र स्थित गोहलामुड़ा में संचालित ग्लोबल स्प्रिट लिमिटेड द्वारा कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के तहत अपेक्षित विकास कार्य नहीं किए जाने को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में गहरा रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि कंपनी द्वारा आसपास के क्षेत्रों के विकास के लिए अब तक कोई उल्लेखनीय पहल नहीं की गई है, जबकि क्षेत्र में पेयजल, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं की आवश्यकता लंबे समय से बनी हुई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि उद्योग की स्थापना के समय क्षेत्र के विकास और जनकल्याण को लेकर अनेक उम्मीदें जगी थीं, लेकिन वर्तमान में स्थिति इसके विपरीत दिखाई दे रही है। कंपनी के आसपास स्थित कई गांव आज भी मूलभूत सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे हैं। खराब पेयजल व्यवस्था, जर्जर सड़कें, सामुदायिक सुविधाओं की कमी तथा युवाओं के लिए खेल एवं कौशल विकास संबंधी संसाधनों का अभाव ग्रामीणों की प्रमुख समस्याओं में शामिल हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि कंपनी द्वारा CSR मद के अंतर्गत क्षेत्रीय विकास के लिए अपेक्षित योजनाएं संचालित नहीं की जा रही हैं। इससे स्थानीय लोगों में असंतोष बढ़ रहा है। उनका कहना है कि उद्योगों का दायित्व केवल व्यावसायिक गतिविधियों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उन्हें अपने आसपास के क्षेत्रों के सामाजिक एवं आर्थिक विकास में भी सक्रिय योगदान देना चाहिए।
ग्रामीणों ने कंपनी प्रबंधन से मांग की है कि वह CSR के तहत क्षेत्र की आवश्यकताओं का आकलन कर पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, स्वच्छता, खेलकूद एवं अन्य जनहितकारी विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शुरू करे। साथ ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों के साथ समन्वय स्थापित कर विकास योजनाओं को धरातल पर उतारा जाए।
क्षेत्रवासियों ने कंपनी प्रबंधन से अविलंब CSR योजनाओं को धरातल पर उतारने, स्थानीय जरूरतों के अनुरूप विकास कार्य शुरू करने तथा ग्रामीणों के साथ संवाद स्थापित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांगों की अनदेखी जारी रही, तो ग्रामीण एकजुट होकर लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी कंपनी प्रबंधन की होगी।

