उत्कृष्ट विद्यार्थियों का हुआ सम्मान, डॉ. विशेश्वर खां वेलफेयर सोसाइटी ने दी आर्थिक सहयोग की सौगात
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जामताड़ा: डॉ. विशेश्वर खां वेलफेयर सोसाइटी की ओर से कुंडहित प्रखंड के उत्क्रमित उच्च विद्यालय नाटुलताला में एक विशेष सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यालय के उत्कृष्ट विद्यार्थियों को आर्थिक सहयोग प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि जिला परिषद सदस्या बंदना खां उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षकगण, अभिभावक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए।
समारोह का शुभारंभ विद्यालय प्रांगण में दीप प्रज्वलन एवं राष्ट्रगान के साथ किया गया। मुख्य अतिथि बंदना खां ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा ही सफलता की कुंजी है और बच्चों को अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए कठिन परिश्रम, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि डॉ. विशेश्वर खां वेलफेयर सोसाइटी द्वारा किया गया यह प्रयास समाज में शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल है।
बंदना खां ने अपने वक्तव्य में कहा, “ग्रामीण क्षेत्रों के होनहार विद्यार्थियों को प्रोत्साहन और आर्थिक सहयोग मिलना चाहिए, ताकि वे अपनी पढ़ाई के साथ-साथ जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा प्राप्त कर सकें।
इस मौके पर सोसाइटी के पदाधिकारियों ने बताया कि उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए यह कार्यक्रम हर साल आयोजित किया जाता है। इस बार भी कई छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र, मेडल और आर्थिक सहयोग प्रदान कर सम्मानित किया गया।
सोसाइटी के प्रतिनिधियों ने कहा कि संगठन का उद्देश्य समाज में शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक विकास को बढ़ावा देना है। उन्होंने आश्वासन दिया कि भविष्य में भी विद्यार्थियों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के लिए इसी तरह के आयोजन किए जाते रहेंगे।
इस अवसर पर विद्यालय परिसर उत्साह और खुशी से भर गया। सम्मानित हुए विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के चेहरों पर गर्व की चमक देखने लायक थी। पूरे आयोजन में अनुशासन, ऊर्जा और प्रेरणा का अद्भुत संगम देखने को मिला।
कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक, सोसाइटी के सदस्य, अभिभावक और ग्रामीण जन बड़ी संख्या में मौजूद थे। समारोह के सफल आयोजन से विद्यालय में शैक्षणिक माहौल को नई ऊर्जा मिली और बच्चों में आगे बढ़ने की ललक और भी प्रबल हो गई।

