झामुमो अल्प संख्यक मोर्चा के गांडेय प्रखंड उपाध्यक्ष फारुक आलम ने दिशोम गुरु शिबू सोरेन को दिया श्रंद्धांजली
राष्ट्र संवाद सं
गिरीडीह: झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के अल्पसंख्यक मोर्चा के गांडेय प्रखंड उपाध्यक्ष फारुक आलम ने झारखंड आंदोलन के प्रणेता और झामुमो के संरक्षक दिशोम गुरु शिबू सोरेन को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
उन्होंने कहा कि दिशोम गुरु न केवल एक राजनेता थे, बल्कि झारखंड की आत्मा थे। उन्होंने आदिवासियों, मूलवासियों, गरीबों और मजदूरों के अधिकारों की लड़ाई को जीवन भर अपनी प्राथमिकता में रखा। उनकी सोच और संघर्ष की बदौलत ही झारखंड को अलग राज्य का दर्जा मिला।
फारुक आलम ने कहा, “शिबू सोरेन हमारे मार्गदर्शक थे। उन्होंने हम सभी कार्यकर्ताओं को जनसेवा की प्रेरणा दी। उनका जीवन हम सबके लिए एक मिशाल है। आज उनका निधन न केवल झामुमो के लिए, बल्कि पूरे झारखंड के लिए अपूरणीय क्षति है।”
उन्होंने आगे कहा कि दिशोम गुरु का सपना था कि झारखंड में हर वर्ग को न्याय मिले, शिक्षा और रोजगार के अवसर सुलभ हों, और हर गरीब का जीवन बेहतर बने। फारुक आलम ने पार्टी कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे शिबू सोरेन के सपनों को साकार करने के लिए एकजुट होकर कार्य करें।

