जामताड़ा पुलिस की बड़ी कामयाबी: साइबर अपराधी दिनेश मंडल गिरफ्तार, मोबाइल-सिम-आधार कार्ड समेत कई सबूत बरामद
निजाम खान। राष्ट्र संवाद
जामताड़ा: साइबर अपराध के गढ़ माने जाने वाले जामताड़ा जिले से एक बार फिर पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस अधीक्षक राज कुमार मेहता को मिली गुप्त सूचना के आधार पर करमाटांड़ थाना अंतर्गत ग्राम कालाझरिया स्थित सामुकपोखर जाने वाली कच्ची सड़क के किनारे छापामारी कर एक कुख्यात साइबर अपराधी को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस अधीक्षक के निर्देश में थाना प्रभारी मनोज कुमार महतो के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई, जिसमें पु०अ०नि० हीरालाल महतो, स०अ०नि० स्टेनली हेम्ब्रम समेत अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। टीम ने सतर्कता से कार्य करते हुए 23 वर्षीय दिनेश कुमार मंडल को रंगे हाथ पकड़ा, जो उस समय साइबर ठगी की गतिविधियों में संलिप्त था।
गिरफ्तारी के दौरान दिनेश के पास से चार मोबाइल फोन, सात सिम कार्ड, एक फर्जी आधार कार्ड और एक पॉकेट डायरी बरामद की गई। पूछताछ के दौरान खुलासा हुआ कि आरोपी HDFC बैंक और अन्य बैंकों के क्रेडिट/डेबिट कार्ड बंद होने की बात कहकर लोगों को भ्रमित करता था। इसके बाद वह उन्हें मोबाइल में स्क्रीन शेयरिंग ऐप डाउनलोड करवाता और फिर कार्ड संबंधी गोपनीय जानकारी हासिल कर साइबर ठगी को अंजाम देता था।
दिनेश के खिलाफ जामताड़ा साइबर अपराध थाना में कांड संख्या 51/25, दिनांक 19.07.2025 को भारतीय न्याय संहिता (BNS 2023) की धारा 111(2)(b), 317(2), 317(4), 317(5), 318(4), 319(2), 336(3), 338, 340(2), 3(5) तथा टेलीकम्युनिकेशन एक्ट 2023 की धारा 42(3)(e) एवं IT एक्ट की धाराएं 66(B), (C), (D) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, दिनेश कुमार मंडल का पूर्व से भी आपराधिक इतिहास रहा है। वर्ष 2016 में करमाटांड़ थाना कांड संख्या 13/16 के अंतर्गत भारतीय दंड संहिता की धाराओं 419, 420, 468 एवं IT एक्ट की धारा 66(D) में वह आरोप पत्रित हो चुका है।
आरोपी का कार्यक्षेत्र न केवल झारखंड तक सीमित था, बल्कि उत्तर प्रदेश, बिहार, आंध्र प्रदेश और असम जैसे राज्यों में भी वह साइबर ठगी को अंजाम देता था।
इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि जामताड़ा पुलिस साइबर अपराध के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई कर रही है। यह गिरफ्तारी न केवल जिले में साइबर अपराधियों के हौसले पस्त करने वाली है, बल्कि आम जनता को भी सतर्क रहने की आवश्यकता की ओर संकेत करती है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी अनजान कॉल या मैसेज के झांसे में न आएं और किसी के कहने पर मोबाइल में स्क्रीन शेयरिंग ऐप डाउनलोड न करें।
गिरफ्तार अभियुक्त को न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है और पुलिस आगे की जांच में जुटी हुई है।

