समाहरणालय स्थित एसजीएसवाई प्रशिक्षण भवन सभागार में सशक्त पंचायत – नेत्री अभियान/एंपावर्ड विमेन पंचायत लीडर कैंपेन” विषय पर जिला स्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला का हुआ आयोजन
जिला के सभी निर्वाचित महिला मुखियाओं एवं वार्ड सदस्यों का प्रमण्डलीय प्रशिक्षण संस्थान, जसीडीह, देवघर में 03 (तीन) दिवसीय मॉड्यूल बेस्ड प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा
आज दिनांक 18.07.2025 को समाहरणालय स्थित एसजीएसवाई प्रशिक्षण भवन सभागार में सशक्त पंचायत – नेत्री अभियान/एंपावर्ड विमेन पंचायत लीडर कैंपेन” विषय पर जिला स्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
आयोजित कार्यशाला का विधिवत शुभारंभ उपायुक्त श्री रवि आनंद (भा०प्र०से०), जिप अध्यक्ष श्रीमती राधारानी सोरेन, उप विकास आयुक्त श्री निरंजन कुमार, जिप उपाध्यक्ष श्रीमती फूल कुमारी देवी एवं अन्य के द्वारा किया गया। इससे पूर्व कार्यक्रम में पौधा प्रदान कर सभी अतिथियों का स्वागत किया गया।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए _*उपायुक्त श्री रवि आनंद (भा०प्र०से०) ने बताया कि “सशक्त पंचायत -नेत्री अभियान/ एंपावर्ड विमेन पंचायत लीडर कैंपेन” विषय*_ को लेकर दिनांक 21.07.2025 से जामताड़ा जिला के सभी निर्वाचित महिला मुखियाओं एवं वार्ड सदस्यों का प्रमण्डलीय प्रशिक्षण संस्थान, जसीडीह, देवघर में 03 (तीन) दिवसीय मॉड्यूल बेस्ड प्रशिक्षण प्रदान किया जाना है। उसी के मद्देनजर इस कार्यशाला का आज आयोजन किया गया है।
_*जिस कुर्सी पर आप हैं, उसके दायित्वों को खुद से निर्वहन करें, चीजों को समझते हुए कार्य करें, इससे न सिर्फ आप खुद को सशक्त नागरिक के रूप में पाएंगे, बल्कि पूरे समाज की महिलाओं के लिए आप आदर्श साबित होंगे – उपायुक्त*_
कार्यशाला को संबोधित करते हुए उपायुक्त श्री रवि आनंद (भा०प्र०से०) ने कहा कि कल के दिन जिले के उप विकास आयुक्त एवं अध्यक्षा, जिला परिषद जामताड़ा को राज्य स्तर से पंचायत स्तर पर उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया। यह बहुत ही गर्व की बात है। उम्मीद है आगे भी इसी तरह से कार्य किए जाएंगे। आगे कहा कि झारखंड में त्रिस्तरीय पंचायती राज संरचना है। यहां 50 प्रतिशत महिला नेत्री अपनी भागीदारी को सुनिश्चित कर रही हैं, यह गर्व की बात है। आज से 15 20 साल पहले महिलाओं की संख्या काफी कम थी, हर जगह पुरुष के रहने से महिलाएं अपनी समस्या को उचित रूप से रख नहीं पाती थीं। सरकार द्वारा महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाने के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया। आज महिलाएं आगे बढ़ रही है, अपनी समस्याओं को रख रही हैं परंतु विडंबना की बात है कि बहुत सारी ऐसी निर्वाचित महिला नेत्री अभी भी अपने काम को ढंग से नहीं कर पा रही है। तभी यह कांसेप्ट आता है मुखिया पति, सरपंच पति, मतलब नाम के लिए सिर्फ आप कुर्सी पर हैं, सारा काम आपके पति कर रहे हैं। जो आरक्षण सरकार के द्वारा मिला है, उसका उद्देश्य यही है कि जिस कुर्सी पर आप हैं, उसके दायित्वों को खुद से निर्वहन करें, चीजों को समझते हुए कार्य करें, इससे न सिर्फ आप खुद को सशक्त नागरिक के रूप में पाएंगे, बल्कि पूरे समाज की महिलाओं के लिए आप आदर्श प्रेरणास्त्रोत होंगे। वहीं उन्होंने महिला सशक्तिकरण का एक उदाहरण देते हुए कहा कि 2 3 वर्ष पहले मेरी पोस्टिंग गुमला जिले में हुई थी, वहां के एक पंचायत में महिला मुखिया थी, हमारे आईएएस परीक्षा के क्रम में बने मित्र ने फोन कर बताया कि गुमला ही मेरा घर है एवं मेरी मां मुखिया हैं। आप सोचिए एक महिला होकर न सिर्फ अपने बेटे को आगे बढ़ाया, बल्कि उस पंचायत के सभी इंडिकेटर में अन्य बेहतर थे। आप लोग भी जनप्रतिनिधि के रूप में स्वयं के भीतर विश्वास जगाएं, चीजों को समझें, योजनाओं के क्रियान्वयन से लेकर हरेक बिंदुओं पर गहनता से जानकारी लेकर कार्य करें, ताकि आपके साथ साथ गांव की अन्य महिलाओं में भी कॉन्फिडेंस विकसित हो सके।
_*महिला सशक्तिकरण की दिशा में सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयास – उप विकास आयुक्त*_
वहीं उप विकास आयुक्त श्री निरंजन कुमार ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों को लेकर जानकारी देते हुए कहा कि आज हरेक क्षेत्र में महिलाएं आगे बढ़ रही है। उन्होंने महिला जनप्रतिनिधियों को विभिन्न बिंदुओं पर जानकारी दिया।
_*इस मौके पर*_ जिप अध्यक्ष श्रीमती राधारानी सोरेन, जिप उपाध्यक्ष श्रीमती फूल कुमारी देवी, जिला भू अर्जन पदाधिकारी श्री सत्यप्रकाश, जिला पंचायत राज पदाधिकारी श्री पंकज कुमार रवि के अलावा विभिन्न पंचायतों से आए महिला जनप्रतिनिधिगण आदि मौजूद रहे।


