हुसैन की शहादत को याद कर निकाला गया जुलूस
राष्ट्रसंवाद संवाददाता,
साहिबगंज। कोटालपोखर में मोहर्रम का त्योहार बड़ी धूमधाम से मनाया गया। परंपरा के अनुसार दशमी के एक दिन बाद हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में ताजिया जुलूस निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। जुलूस में शामिल लोगों ने करतब दिखाए और “या हुसैन, या अली” के नारे लगाए। इस दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद रहा।
जुलूस में तिरंगा झंडा फहराकर देशभक्ति और भाईचारे का संदेश दिया गया। अखाड़े में युवाओं ने हैरतअंगेज करतब दिखाए, जिसमें लाठी और डंडों का प्रदर्शन शामिल था। पुलिस प्रशासन ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुख्ता इंतजाम किए थे, जिससे जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से निकाला जा सके।
मोहर्रम का त्योहार सत्य और न्याय के लिए बलिदान की स्मृति में मनाया जाता है। इस त्योहार का मुख्य उद्देश्य हजरत इमाम हुसैन की शहादत को याद करना है, जिन्होंने अपने सिद्धांतों के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी थी।

