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    Home » सिद्धू कान्हू की वीरता को कभी नहीं भुलाया जा सकता:माधव चंद्र महतो
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    सिद्धू कान्हू की वीरता को कभी नहीं भुलाया जा सकता:माधव चंद्र महतो

    Nizam KhanBy Nizam KhanJune 30, 2025No Comments2 Mins Read
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    सिद्धू कान्हू की वीरता को कभी नहीं भुलाया जा सकता:माधव चंद्र महतो

    राष्ट्र संवाद सं

    जामताड़ा जिले के नाला प्रखंड क्षेत्र के भंडारबेड़ा सहित विभिन्न जगहों पर हुल दिवस के अवसर पर सिद्धू कान्हू की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। इस दौरान लोगों ने सिद्धू कान्हू की वीरता और बलिदान को याद किया और उनके संघर्षों को कभी नहीं भूलने का संकल्प लिया।

    नाला विधानसभा के भाजपा के पूर्व प्रत्याशी माधव चंद्र महतो ने सिद्धू कान्हू प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। माधव चंद्र महतो हुल दिवस को याद करते हुए कहा कि सिद्धू कान्हू ने आज़ादी के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया था। उनके बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।

    माधव चंद्र महतो ने कहा कि सिद्धू कान्हू का जन्म 1855 में झारखंड के भोगनाडीह गांव में हुआ था। वह एक महान क्रांतिकारी थे जिन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी और अपनी जान की परवाह किए बिना देश की आज़ादी के लिए संघर्ष किया। सिद्धू कान्हू ने 1855 में संथाल विद्रोह का नेतृत्व किया था, जो झारखंड के इतिहास में एक महत्वपूर्ण घटना है।

    हुल दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों में क्षेत्र के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और सिद्धू कान्हू की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इस दौरान लोगों ने सिद्धू कान्हू की वीरता और बलिदान को याद किया और उनके आदर्शों को अपनाने का संकल्प लिया।

    ओहि राम हांसदा ने कहा कि सिद्धू कान्हू की विरासत आज भी लोगों के दिलों में जीवित है। उनके संघर्ष और बलिदान ने लोगों को प्रेरित किया है और उनकी याद में आयोजित कार्यक्रमों में लोगों की भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि उनकी विरासत को कभी भुलाया नहीं जा सकता।

    मौके पर उपस्थित नाइकी बासुदेव बेसरा, पुजारी दरबारी सोरेन, गुलशन अली, धीरेन सोरेन, निवास मरांडी, सुभास मरांडी, राम हांसदा, पावन कुमार मुर्मू, मीमरान मिस्त्री, माशीहूर रहमान, राजू भंडारी और सामसुंदर बेसरा, नाला मंडल अध्यक्ष किसान मुर्मू, बीजू कर, मनोज कर, कार्तिक कर, आनंद कर, दीपक दे, बापि कर, साधन कर सहित कई लोग शामिल थे।

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