संथाल परगना काश्त कारी कानून को धत्वा बताकर अनुसूचित जाति के रैयतों का जमीन का हुई अबैध हस्तांतरण । फोटो ,रानीश्वर ( दुमका ) । संथाल परगना काश्त कारी कानून में जमीन की खरीद बिक्री दान पत्र पर रोक हैं ।झारखंड नामधारी दल संथाल परगना काश्त कारी कानून को यहां के आदिवासी एवं मूलवासी रैयतों का रक्षा कवच मानता हैं ।दूसरी ओर अंग्रेजों के द्वारा बनाया गया उस कानून को ध्वता बता कर भूमाफिया यहां भूमि राजस्व विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारियों के संरक्षण में जमीन का हस्तांतरण एवं दान पत्र दिखा कर जमीन पर कब्जा कर लिया हैं ।साथ ही गलत रिपोर्ट के आधार पर जमीन की दाखिल खारिज कर लिया हैं । मौजा महिषबाथान के जमाबंदी संख्या 52 का मूल रैयत बिनोद मुची, उपेंद्र मुची एवं अपु मुची अनुसूचित जाति के प्रजा का जमीन हैं ।उस जमाबंदी संख्या 52 के दाग संख्या 1475 का जमीन का गांव के दिलीप माझी के नाम पर दाखिल खारिज कर दिया हैं ।मौजा महिषबाथान सेलेबुल मौजा हैं ।यहां जमीन की खरीद बिक्री चालू हैं ।पर अनुसूचित जाति के प्रजा का जमीन पिछड़ी जाति के साथ हस्तांतरण एवं दान पत्र मान्य नहीं हैं । अनुसूचित जाति के प्रजा के जमीन का पिछड़ी जाति के दिलीप माझी के नाम पर दाखिल खारिज पूर्व अंचल अधिकारी के द्बारा नियम विरुद्ध किया गया हैं, जो उच्च स्तरीय जांच का मामला बनता हैं ।