असम. काजीरंगा नेशनल पार्क 2026-27 के पर्यटन सीजन के लिए फिर से पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है. पार्क खुलने के साथ ही जीप सफारी शुरू हो गई है और देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को एक बार फिर काजीरंगा के जंगलों और वन्यजीवों को करीब से देखने का मौका मिलेगा.
पार्क के पुनः खुलने के मौके पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री अतुल बोरा, सांसद कामाख्या प्रसाद तासा तथा वन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे. अधिकारियों ने नए पर्यटन सीजन के दौरान पर्यटकों की सुविधाओं, सुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने पर जोर दिया.
काजीरंगा में फिलहाल जीप सफारी के लिए प्रतिदिन दो स्लॉट निर्धारित किए गए हैं. सुबह की सफारी सुबह 7:30 बजे से 10 बजे तक, जबकि दोपहर की सफारी दोपहर 1:30 बजे से 3 बजे तक होगी. पर्यटक इन निर्धारित समय के दौरान पार्क के विभिन्न क्षेत्रों में सफारी कर सकेंगे.
हालांकि, हाथी सफारी फिलहाल शुरू नहीं की गई है. अधिकारियों के मुताबिक इसकी तैयारियां अभी पूरी की जा रही हैं और इसे अगले 10 से 20 दिनों के भीतर शुरू किए जाने की उम्मीद है. हाथी सफारी के इच्छुक पर्यटकों को यात्रा से पहले इसकी उपलब्धता और संचालन की ताजा स्थिति की पुष्टि करने की सलाह दी गई है.
काजीरंगा नेशनल पार्क असम के बाढ़ प्रभावित मैदानी क्षेत्र में फैला हुआ है और एक सींग वाले भारतीय गैंडे के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है. इसके अलावा यहां हाथी, जंगली भैंसा, हिरण और बड़ी संख्या में पक्षियों की प्रजातियां भी पाई जाती हैं. यही वजह है कि काजीरंगा देश के प्रमुख वन्यजीव पर्यटन स्थलों में शामिल है.
मानसून के दौरान पार्क को हर साल कुछ समय के लिए पर्यटकों के लिए बंद रखा जाता है. इस अवधि में मौसम और जंगल की परिस्थितियों के साथ-साथ वन्यजीवों के संरक्षण और पर्यटन व्यवस्थाओं की तैयारियों पर ध्यान दिया जाता है. नए सीजन में पार्क खुलने के साथ अब पर्यटकों की आवाजाही फिर बढ़ने की उम्मीद है.
पर्यटन मंत्री जयंत मल्लबरुआ ने नए सीजन में पर्यटकों की अच्छी संख्या पहुंचने की उम्मीद जताई है. उन्होंने कहा कि बुकिंग के शुरुआती रुझान उत्साहजनक हैं. पर्यटन और वन विभाग के बीच समन्वय से बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, पर्यटकों के लिए सुविधाओं को बेहतर बनाने और नए आकर्षण विकसित करने पर भी काम किया जा रहा है.
अधिकारियों को इस पर्यटन सीजन में बड़ी संख्या में पर्यटकों के पहुंचने की उम्मीद है. जीप सफारी शुरू होने के बाद पर्यटक अब काजीरंगा की प्राकृतिक सुंदरता और वन्यजीवों का अनुभव कर सकेंगे. हालांकि, सफारी की उपलब्धता, प्रवेश नियमों और अन्य व्यवस्थाओं की यात्रा से पहले ताजा जानकारी लेना जरूरी होगा.

