लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता इंद्र यादव
नवी मुंबई में स्पेशल ब्रांच के ASI ने ऐरोली के लॉज में किया सुसाइड जिससे पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। यह सनसनीखेज घटना रबाले एमआईडीसी थाना क्षेत्र की है जहां स्पेशल ब्रांच में तैनात सहायक उप-निरीक्षक ने आत्महत्या जैसा खौफनाक कदम उठाया।
स्पेशल ब्रांच के ASI ने ऐरोली के लॉज में किया सुसाइड
नवी मुंबई पुलिस कमिश्नरेट से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ स्पेशल ब्रांच (SB) में तैनात सहायक उप-निरीक्षक (ASI) पी. एन. पाटील ने ऐरोली के एक साची लॉज में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है. यह घटना रबाले एमआईडीसी पुलिस स्टेशन की सीमा के अंतर्गत हुई है।
सुसाइड नोट और वीडियो ने खोली पोल
मौत को गले लगाने से पहले ASI पी. एन. पाटील ने एक वीडियो रिकॉर्ड किया और एक हस्तलिखित सुसाइड नोट छोड़ा है, जिसने महकमे में हड़कंप मचा दिया है. वायरल हुए सुसाइड नोट और वीडियो में उन्होंने अपनी मौत के लिए सीधे तौर पर तीन बड़े पुलिस अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया है!
- तत्कालीन डीसीपी संजय कुमार पाटिल (मुख्यालय)
- वायरलेस एसीपी गिरीश ठाकरे (नवी मुंबई)
- स्थापना हेडक्लर्क ज्यू अहीरे (नवी मुंबई)
डायरी में लिखा प्रताड़ना का पूरा कच्चा-चिट्ठा
सामने आए दस्तावेजों के मुताबिक, मृतक ASI ने उत्पीड़न से तंग आकर 1 से 8 पन्नों की एक विस्तृत सुसाइड चिट्ठी लिखी है, जिसमें अधिकारियों द्वारा दिए जा रहे मानसिक तनाव और प्रताड़ना का पूरा ब्योरा दिया गया है. इसके अलावा, वीडियो में उन्होंने हाथ जोड़कर न्याय की गुहार लगाई है और नवी मुंबई पुलिस कमिश्नर मिलिंद भारंबे से आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की अपील की है.
जांच जारी, महकमे में हड़कंप
इस खौफनाक कदम के बाद पुलिस विभाग के भीतर और बाहर खलबली मच गई है. फिलहाल रबाले एमआईडीसी पुलिस और स्थानीय प्रशासन मामले की हर एंगल से गहनता से जांच कर रहा है ताकि सुसाइड नोट में लगाए गए आरोपों की सच्चाई सामने आ सके। इस घटना ने एक बार फिर पुलिस विभाग में मानसिक स्वास्थ्य और आंतरिक उत्पीड़न के मुद्दे को उजागर कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए विभागीय स्तर पर काउंसलिंग और शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत करने की सख्त जरूरत है। महाराष्ट्र पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट पर भी इस संबंध में दिशानिर्देश उपलब्ध हैं।

