यूजीसी नियमों के खिलाफ देशभर में उबाल, कानपुर में मुंडन कर विरोध, जमशेदपुर में फिर प्रदर्शन की तैयारी
राष्ट्र संवाद संवाददाता
नए यूजीसी नियमों को लेकर देशभर में विरोध तेज होता जा रहा है। उच्च शिक्षण संस्थानों में जाति आधारित भेदभाव समाप्त करने के उद्देश्य से लाए गए इन नियमों के खिलाफ कई जगह विरोध और समर्थन दोनों देखने को मिल रहे हैं, लेकिन सड़कों पर नाराज़गी ज्यादा मुखर होती दिख रही है।

उत्तर प्रदेश के कानपुर में सवर्ण समाज के लोगों ने अनोखा प्रदर्शन करते हुए सिर मुंडवाकर और हाथों में तख्तियां लेकर यूजीसी के खिलाफ आक्रोश जताया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार जनभावनाओं की अनदेखी कर रही है। उनका कहना है कि फिलहाल प्रतीकात्मक रूप से ‘नो मुंडन’ कार्यक्रम किया गया है, लेकिन यदि कानून वापस नहीं लिया गया तो आने वाले दिनों में तेरहवीं जैसे कार्यक्रम आयोजित कर आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
रांची में 27 जनवरी को विभिन्न संगठनों के सदस्यों ने नए यूजीसी नियमों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। वहीं जमशेदपुर में उपायुक्त कार्यालय के समक्ष एक बार फिर प्रदर्शन की तैयारी चल रही है, जिससे प्रशासन की चिंता बढ़ सकती है।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यूजीसी से जुड़ा यह प्रस्ताव समाज के हितों के खिलाफ है और इससे सामाजिक संतुलन बिगड़ सकता है। वहीं, इस मुद्दे पर बीजेपी के भीतर भी मतभेद सामने आ रहे हैं—कुछ नेता नियमों का समर्थन कर रहे हैं तो कई जमीनी कार्यकर्ता विरोध में उतर आए हैं। कई स्थानों से भाजपा पदाधिकारियों के इस्तीफे की खबरें भी सामने आई हैं।
मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। कुल मिलाकर, नए यूजीसी नियमों को लेकर पूरे देश में विरोध और नाराज़गी का दौर जारी है, और आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।

