नासिक का ‘पाखंडी बाबा’ बेनकाब: रेप के आरोपी अशोक खरात के दरबार से निकले पाप के सबूत!
राष्ट्र संवाद
मुंबई (इंद्र यादव) नासिक,धर्म और आध्यात्म की आड़ में महिलाओं का शोषण करने वाले ढोंगी बाबा अशोक खरात की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। बलात्कार के आरोपों में घिरे इस स्वयंभू बाबा के ठिकानों पर जब पुलिस और प्रशासन ने शिकंजा कसा, तो जो सच सामने आया उसने सबको हैरान कर दिया है।
आस्था के नाम पर ‘खतरनाक’ खेल
जांच के दौरान खरात के पास से ऐसी चीजें बरामद हुई हैं जो न केवल गैरकानूनी हैं, बल्कि उसके हिंसक और धूर्त स्वभाव को भी उजागर करती हैं.
वन्यजीव अवशेषों का जखीरा: पुलिस को खरात के ठिकानों से सांप और बाघ की खाल बरामद हुई है। वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत यह एक गंभीर अपराध है, जिससे यह साफ होता है कि बाबा केवल धर्म ही नहीं बल्कि तस्करी और अवैध शिकार जैसे काले धंधों से भी जुड़ा हो सकता है।
नकली रत्नों का धंधा: भक्तों की मुसीबतें दूर करने के नाम पर खरात उन्हें ‘दैवीय रत्न’ बेचता था। जांच में पता चला है कि ये बेशकीमती पत्थर कुछ और नहीं बल्कि कांच और साधारण नकली पत्थर थे, जिन्हें वह भारी कीमतों पर बेचकर लोगों की गाढ़ी कमाई लूट रहा था।
भय और अंधविश्वास का जाल: बाबा इन खालों और नकली रत्नों का उपयोग भक्तों के मन में डर पैदा करने और खुद को ‘सिद्ध पुरुष’ दिखाने के लिए करता था।
रेप केस ने खोली पोल
यह पूरा मामला तब सुर्खियों में आया जब एक पीड़िता ने बाबा पर यौन शोषण का गंभीर आरोप लगाया। पीड़िता की हिम्मत ने इस पाखंडी के तिलिस्म को तोड़ दिया। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि वह सम्मोहन और डराने-धमकाने की तकनीक का इस्तेमाल कर महिलाओं को अपना शिकार बनाता था।
पुलिस की कार्रवाई तेज
नासिक पुलिस अब इस मामले के हर पहलू की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि:
वन्यजीवों की ये खालें बाबा तक कैसे पहुँचीं?
इस धोखाधड़ी के नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं?
क्या इसके पीछे कोई बड़ा अंतरराष्ट्रीय तस्करी गिरोह तो नहीं?
अशोक खरात का यह मामला समाज के लिए एक चेतावनी है कि धर्म के नाम पर दुकान चलाने वाले ऐसे ‘भेड़ियों’ से सावधान रहने की जरूरत है।

