मानसून ने बदली झारखंड की तस्वीर, लबालब हुए डैम और जलाशय
राष्ट्र संवाद संवाददाता
झारखंड में इस वर्ष मानसून ने राहत भरी तस्वीर पेश की है। राज्य में सामान्य से केवल एक से दो प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है, जिसके कारण अधिकांश जलाशय और डैम पानी से भर चुके हैं। अच्छी बारिश का असर जल संसाधनों पर साफ दिखाई दे रहा है और आने वाले महीनों में पेयजल तथा औद्योगिक उपयोग के लिए पानी की कमी की आशंका काफी हद तक समाप्त हो गई है।
जमशेदपुर के लिए सबसे महत्वपूर्ण जल स्रोत डिमना डैम भी लगभग पूरी क्षमता तक भर चुका है। डिमना जलाशय शहर की पेयजल व्यवस्था की रीढ़ माना जाता है और टाटा स्टील के साथ-साथ लाखों शहरवासियों को इसी स्रोत से पानी उपलब्ध कराया जाता है। जलस्तर बढ़ने से प्रशासन और उद्योग प्रबंधन दोनों ने राहत की सांस ली है।

राज्य के अन्य प्रमुख जलाशयों और डैमों में भी पर्याप्त जल संग्रह हुआ है। लगातार हुई बारिश और कैचमेंट क्षेत्रों में बेहतर वर्षा के कारण जल भंडारण क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मौसम सामान्य रहा तो आगामी गर्मी के मौसम तक जल संकट की स्थिति उत्पन्न होने की संभावना बेहद कम है।
अच्छी वर्षा से किसानों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। सिंचाई परियोजनाओं के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध रहने से कृषि गतिविधियों को मजबूती मिलेगी और रबी फसलों की तैयारी में भी मदद मिलेगी। वहीं, जलाशयों के भरने से भूजल स्तर में सुधार होने की संभावना है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में भी पानी की उपलब्धता बेहतर होगी।

कुल मिलाकर, इस बार के मानसून ने झारखंड को जल संकट की चिंता से काफी हद तक राहत दी है। डिमना डैम समेत राज्य के प्रमुख जलाशयों के भर जाने से पेयजल, सिंचाई और औद्योगिक जरूरतों के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध रहने की उम्मीद है।

