लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
साकची शिव मंदिर में सामूहिक जलाभिषेक का भव्य आयोजन जमशेदपुर के प्रसिद्ध साकची शिव मंदिर में किया गया, जहां हजारों श्रद्धालुओं ने बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक किया।
साकची शिव मंदिर में सामूहिक जलाभिषेक का आयोजन
राष्ट्र संवाद संवाददाता जमशेदपुर। साकची शिव मंदिर में सुल्तानगंज से टैंकर के माध्यम से लाए गए पवित्र गंगाजल से बाबा भोलेनाथ का सामूहिक जलाभिषेक किया गया। इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में समाज के महिला-पुरुष श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया।
इस अवसर पर झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने भी बाबा भोलेनाथ को गंगाजल अर्पित कर पूजा-अर्चना की। मंदिर परिसर में पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच जलाभिषेक कराया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव से सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
पवित्र गंगाजल का महत्व और सुल्तानगंज से लाने की प्रक्रिया
सुल्तानगंज बिहार के भागलपुर जिले में स्थित एक प्रसिद्ध तीर्थस्थल है, जहां से गंगा उत्तरवाहिनी बहती हैं। मान्यता है कि यहां का गंगाजल अत्यंत पवित्र और मोक्षदायिनी होता है। सुल्तानगंज से टैंकर के माध्यम से साकची शिव मंदिर तक गंगाजल लाने की व्यवस्था मंदिर समिति द्वारा की गई थी। इस पूरी प्रक्रिया में शुद्धता और पवित्रता का विशेष ध्यान रखा गया।
पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास की उपस्थिति ने बढ़ाया उत्साह
पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने स्वयं जलाभिषेक में भाग लेकर श्रद्धालुओं का उत्साह दोगुना कर दिया। उन्होंने मंदिर परिसर में उपस्थित भक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में एकता और आध्यात्मिक चेतना का संचार करते हैं। उनकी उपस्थिति ने इस आयोजन को राजकीय महत्व भी प्रदान किया।
वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुआ अनुष्ठान
मंदिर के पुजारियों ने विधि-विधान से वैदिक मंत्रोच्चार के साथ जलाभिषेक संपन्न कराया। बाबा भोलेनाथ का रुद्राभिषेक करते हुए पंडितों ने विश्व कल्याण और लोक मंगल की कामना की। श्रद्धालुओं ने बेलपत्र, धतूरा, भांग और दूध भी अर्पित किए। पूरा वातावरण हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा।
श्रद्धालुओं की अपार भीड़ और व्यवस्था
सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गई थीं। प्रशासन द्वारा सुरक्षा और यातायात की पुख्ता व्यवस्था की गई थी। महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग प्रवेश द्वार बनाए गए थे। पेयजल, चिकित्सा और खोया-पाया केंद्र की सुविधाएं भी उपलब्ध थीं।
धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
इस तरह के आयोजन से जमशेदपुर में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। मंदिर समिति के अध्यक्ष ने बताया कि भविष्य में भी ऐसे भव्य आयोजन किए जाएंगे ताकि अधिक से अधिक लोग आध्यात्मिक लाभ प्राप्त कर सकें। साकची शिव मंदिर पहले से ही शहर का प्रमुख आस्था केंद्र रहा है।
सावन माह में विशेष महत्व
हिंदू पंचांग के अनुसार सावन माह भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। इस महीने में किए गए जलाभिषेक का फल कई गुना अधिक मिलता है। साकची शिव मंदिर में सामूहिक जलाभिषेक का आयोजन सावन के पवित्र महीने में होने से इसका धार्मिक महत्व और भी बढ़ गया। श्रद्धालुओं ने उपवास रखकर बाबा भोलेनाथ की आराधना की।
समाजसेवी संस्थाओं का सहयोग
इस आयोजन को सफल बनाने में कई समाजसेवी संस्थाओं और स्थानीय व्यापारियों ने सहयोग किया। प्रसाद वितरण, जलपान और बैठने की व्यवस्था में स्वयंसेवकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सामाजिक सौहार्द का यह अनूठा उदाहरण पूरे शहर में चर्चा का विषय बना रहा।
भविष्य की योजनाएं
मंदिर प्रबंधन समिति ने घोषणा की है कि अगले वर्ष से इस आयोजन को और भव्य रूप दिया जाएगा। इसमें झारखंड के अन्य जिलों से भी श्रद्धालुओं को आमंत्रित करने की योजना है। साथ ही मंदिर परिसर के विकास और सुविधाओं के विस्तार पर भी कार्य किया जा रहा है।

