राष्ट्र संवाद संवाददाता
चांडिल: सिंहभूम कॉलेज चांडिल में एआईडीएसओ की ओर से शहीद-ए-आजम भगत सिंह, सुखदेव एवं राजगुरु की शहादत दिवस मनाया । सोमवार को कार्यक्रम की शुरुआत शहीदों के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किया।
इस अवसर पर एआईडीएसओ जिला अध्यक्ष विशेश्वर महतो ने कहा कि भगत सिंह ने अपने अल्प जीवन में जिस राजनीतिक और वैचारिक संघर्ष की मिसाल पेश की, वह आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत है। उन्होंने कहा कि मात्र 24 वर्ष की उम्र में भगत सिंह ने ब्रिटिश हुकूमत की नींव हिला दी थी।
उन्होंने कहा कि भगत सिंह और उनके साथियों ने ऐसे भारत का सपना देखा था, जहां शोषण न हो और इंसान की पहचान धर्म और जाति से नहीं, बल्कि इंसानियत से हो। साथ ही हर व्यक्ति को रोटी, कपड़ा और मकान जैसी बुनियादी सुविधाएं मिलें। उन्होंने वर्तमान परिस्थितियों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज भी देश में गरीबी, बेरोजगारी, महंगाई, अशिक्षा और भ्रष्टाचार जैसी समस्याएं बनी हुई हैं।
शासक वर्ग द्वारा क्रांतिकारियों के विचारों को दबाने की कोशिश की जा रही है। युवाओं को भटकाने के लिए भोगवादी संस्कृति को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे उनके चारित्रिक विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
कार्यक्रम में जिला सचिव युधिष्ठिर प्रमाणिक, कॉलेज कमेटी अध्यक्ष कान्हू टुडू, सचिव राजा प्रामाणिक सहित रोहित प्रमाणिक, विक्रम मुंडा और ठाकुरदास प्रमाणिक समेत अन्य लोग उपस्थित थे।

