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    Home » सोना देवी विश्वविद्यालय में मनी डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती | राष्ट्र संवाद
    राष्ट्रीय शिक्षा

    सोना देवी विश्वविद्यालय में मनी डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती | राष्ट्र संवाद

    Devanand SinghBy Devanand SinghApril 14, 2026No Comments2 Mins Read
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    सोना देवी विश्वविद्यालय में डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती मनाई गई

    राष्ट्र संवाद संवाददाता
    जमशेदपुर, 14 अप्रैल 2026। सोना देवी विश्वविद्यालय, घाटशिला के विवेकानन्द ऑडिटोरियम में मंगलवार को संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव रामजी अंबेडकर की जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में राजकीय पॉलिटेक्निक, सरायकेला के प्राचार्य श्री सत्यदेव राम मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
    मुख्य अतिथि श्री सत्यदेव राम ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि बाबा साहब ने बाल्यकाल से ही भेदभाव और अस्पृश्यता का सामना किया, लेकिन शिक्षा के बल पर उन्होंने न केवल अपनी पहचान बनाई, बल्कि पूरे समाज में परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त किया। उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने सामाजिक समानता, शिक्षा और अधिकारों के लिए आजीवन संघर्ष किया तथा महिलाओं को संपत्ति और सम्मान का अधिकार दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वंचित वर्गों के लिए शिक्षा और रोजगार में विशेष प्रावधान उनकी ही देन है।
    उन्होंने यह भी कहा कि “समान कार्य के लिए समान वेतन” का सिद्धांत आज भी पूर्ण रूप से लागू नहीं हो पाया है, जिसे प्रभावी ढंग से लागू करने की आवश्यकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने और पंथनिरपेक्षता के वास्तविक अर्थ को समझने की प्रेरणा दी। साथ ही शिक्षकों की जवाबदेही तय करने पर भी बल दिया।

    अंबेडकर जयंती
    कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. ब्रज मोहन पट पिंगुआ ने कहा कि भारतीय संविधान ही देश की विविधता को एकता के सूत्र में बांधता है। उन्होंने विद्यार्थियों से संगठित और सशक्त होकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का आह्वान किया।
    कुलसचिव डॉ. नित नयना ने विषय प्रवेश कराया, जबकि राजनीति विज्ञान विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. शिव चन्द्र झा ने बाबा साहब को सामाजिक न्याय का प्रतीक बताते हुए उनके प्रसिद्ध नारे “शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो” को प्रेरणास्रोत बताया।
    कार्यक्रम की शुरुआत मंत्रोच्चार एवं दीप प्रज्ज्वलन से हुई। बीफार्म की छात्रा मौसमी महतो और रूमि दास ने “वीणा वादिनी वर दे” गीत पर नृत्य प्रस्तुति दी। इलेक्टिकल इंजीनियरिंग की छात्रा संजना मुंडा तथा बीएससी एग्रीकल्चर की छात्रा अंशु कुमारी ने भी अपने विचार प्रस्तुत किए।
    कार्यक्रम का संचालन सहायक कुलसचिव अर्चना सिंह एवं संस्कृत विभाग की सहायक प्राध्यापक कुमारी निकिता ने संयुक्त रूप से किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन इतिहास विभाग की सहायक प्राध्यापक डॉ. कंचन सिन्हा ने किया।

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