पेसा नियमावली 2025 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर माझी परगना महाल ने उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर : माझी परगना महाल (आदिवासी पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था) की ओर से पूर्वी सिंहभूम उपायुक्त को पेसा नियमावली 2025 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में कहा गया है कि भारत के संविधान की पांचवीं अनुसूची एवं पेसा अधिनियम 1996 के तहत अनुसूचित जनजातियों को ग्राम सभा के माध्यम से स्वशासन का अधिकार सुनिश्चित किया गया है।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि झारखंड पेसा नियमावली 2025 को 2 जनवरी 2026 से लागू किया गया है, लेकिन ग्राम सभाओं के गठन, सत्यापन एवं सीमांकन की प्रक्रिया अभी तक पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सकी है। संगठन ने मांग की कि पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था से जुड़े माझी बाबा, मानकी बाबा, परगना बाबा एवं अन्य पारंपरिक ग्राम प्रधानों की सहभागिता सुनिश्चित करते हुए ग्राम सभाओं का गठन किया जाए।
माझी परगना महाल ने यह भी मांग की कि ग्राम सभा की अध्यक्षता अनुसूचित जनजाति समुदाय के पारंपरिक ग्राम प्रधानों द्वारा ही की जाए तथा गैर आदिवासी व्यक्तियों को ग्राम सभा की अन्य स्थायी समितियों में शामिल किया जाए। इसके अलावा पंचायत राज विभाग द्वारा जारी सभी पत्र एवं पेसा नियमावली से संबंधित प्रक्रियाओं में पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था के प्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग की गई है।

