लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
कौशांबी पटाखा फैक्टरी विस्फोट ने पूरे उत्तर प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। मनौरी कस्बे में हुए इस भीषण हादसे ने अवैध पटाखा निर्माण और भंडारण की भयावह तस्वीर सामने ला दी है। प्रशासन अब एक्शन मोड में है और लगातार कार्रवाई का दौर जारी है।
कौशांबी पटाखा फैक्टरी विस्फोट: घटनाक्रम का पूरा ब्यौरा
कौशांबी जिले के मनौरी कस्बे में 31 अगस्त को अवैध पटाखा फैक्टरी में हुए भीषण विस्फोट में मृतकों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है। प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल में इलाज के दौरान 17 वर्षीय उर्वशी की मौत हो गई। हादसे में आठ बच्चों समेत 11 लोगों की मौके पर मौत हुई थी, जबकि बाद में तीन घायलों ने दम तोड़ा।
घायलों का इलाज और मौत का आंकड़ा
विस्फोट की चपेट में आए गंभीर घायलों को तत्काल प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू (एसआरएन) अस्पताल रेफर किया गया था। वहां डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी जान बचाने में जुटी थी, लेकिन बुधवार को 17 वर्षीय उर्वशी ने दम तोड़ दिया। इसके साथ ही मरने वालों का कुल आंकड़ा 14 पहुंच गया है। मृतकों में 8 बच्चे शामिल हैं, जो इस हादसे की विभीषिका को बयां करते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि धमाका इतना तेज था कि आसपास के घरों की खिड़कियों के शीशे तक टूट गए थे।
प्रशासन का बुलडोजर एक्शन: अवैध निर्माण ढहाया
प्रशासन ने मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी नौशाद के तीन मंजिला मकान को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। पीडीए और कौशांबी पुलिस की संयुक्त टीम ने मंगलवार शाम छह बजे से बुधवार सुबह पांच बजे तक करीब 11 घंटे की कार्रवाई में मकान गिराया। जिलाधिकारी अमित पाल के अनुसार भवन का निर्माण आवश्यक नक्शा अनुमोदन और अनुमति के बिना किया गया था।
PDA और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के मायने
प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) और जिला पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर इस अवैध निर्माण को जमींदोज किया। यह कार्रवाई न केवल आरोपी को आर्थिक चोट पहुंचाने के लिए की गई है, बल्कि अवैध निर्माण करने वालों को कड़ा संदेश भी देने का प्रयास है। जिलाधिकारी अमित पाल ने स्पष्ट किया कि भवन मानकों के विपरीत बना था और इसकी आड़ में अवैध पटाखा फैक्टरी संचालित हो रही थी। उत्तर प्रदेश सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर भी अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त नीति का उल्लेख है।
मुख्य आरोपी नौशाद समेत तीन गिरफ्तार, तीन फरार
पुलिस के मुताबिक नौशाद को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया है। उसकी भाभी शबाना और भतीजी साइना भी पकड़ी गई हैं, जबकि शकील, आदिल और कहकशां बेगम फरार हैं, जिन पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित है। नौशाद की पत्नी कहकशां के गोदाम से मिले छह बोरी पटाखों को नष्ट किया जाएगा।
फरार आरोपियों पर इनाम और तलाशी अभियान
पुलिस अधीक्षक ने फरार चल रहे तीनों आरोपियों शकील, आदिल और कहकशां बेगम पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। इनकी गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित की गई हैं जो संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। इसके अलावा नौशाद की पत्नी कहकशां के गोदाम से बरामद छह बोरी पटाखों को सुरक्षित तरीके से नष्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, ताकि किसी भी तरह की अनहोनी दोबारा न हो सके।
कानूनी शिकंजा: गैर इरादतन हत्या और विस्फोटक अधिनियम
मामले में छह आरोपियों पर गैर इरादतन हत्या, विस्फोटक से जुड़ी लापरवाही और विस्फोटक अधिनियम की धाराओं में केस दर्ज है। पुलिस अवैध कमाई से अर्जित संपत्तियों की पहचान कर जब्ती की तैयारी कर रही है तथा रासुका लगाने के लिए भी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। फैक्टरी संचालन में कथित लापरवाही को लेकर नौ पुलिसकर्मी निलंबित किए जा चुके हैं। विस्फोट में आसपास के कई मकान क्षतिग्रस्त हुए, जबकि तीन पूरी तरह ढह गए।
पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज, रासुका की तैयारी
इस प्रकरण में स्थानीय थाने के नौ पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जा चुका है, जिन पर अवैध फैक्टरी संचालन की जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई न करने का आरोप है। वरिष्ठ अधिकारी अब आरोपियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) लगाने के लिए साक्ष्य संकलन में जुटे हैं। साथ ही अवैध कमाई से अर्जित संपत्तियों को चिह्नित कर जब्तीकरण की कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी। इस हादसे ने प्रशासनिक तंत्र की जवाबदेही पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

