Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » RBI ने कार्ड टोकनाईजेशन लागू होने की डेडलाईन को 30 जून 2022 तक के लिये बढ़ाया
    Breaking News Business Headlines

    RBI ने कार्ड टोकनाईजेशन लागू होने की डेडलाईन को 30 जून 2022 तक के लिये बढ़ाया

    Devanand SinghBy Devanand SinghDecember 24, 2021No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    नई दिल्ली. आरबीआई ने 1 जनवरी 2022 से लागू होने जा रहे कार्ड टोकनाइजेशन डेडलाइन को 30 जून 2022 तक के लिए एक्सटेंड कर दिया है. नया नियम अब 30 जून 2022 के बाद लागू होगा. 30 जून के बाद सभी ऑनलाईन पोर्टल ले लेकर ट्रेडर्स को कस्टमर के कार्ड का डाटा डिलिट करना होगा. आरबीआई ने सभी पेमेंट सिस्टम्स को ये आदेश जारी कर दिये हैं. दरअसल डिजिटल पेमेंट कंपनियों Merchant Payments Alliance of India और Alliance of Digital India Foundation ने नए नियम को लेकर चिंता जताते हुए नियम लागू होने की समय सीमा बढ़ाने की मांग की थी.

    देश में बढ़ते डिजिटल उपयोग में वृद्धि के साथ, अधिक से अधिक लोग होटल, दुकान या कैब बुक करने के लिए ऑनलाइन भुगतान का उपयोग कर रहे हैं. लेकिन डिजिटल दुनिया साइबर अपराधी उपयोगकर्ताओं के Data हथियाने के ताक में बैठे रहते हैं. लोगों को बेहतर सुरक्षा प्रदान करने और ऑनलाइन भुगतान को सुरक्षित बनाने के लिए, भारतीय रिजर्व बैंक ने सभी व्यापारियों और भुगतान गेटवे को डेबिट और क्रेडिट कार्ड डिटेल्स जो सहेजे गए हैं, उनको हटाने के लिए कहा है.

    आरबीआई के Card Tokenisation Rules के लागू होने के बाद मर्चेंट और पेमेंट गेटवे को अपने सर्वर पर स्टोर की गई कस्टमर के कार्ड का डाटा डिलीट करना होगा. इसका मतलब है कि उपयोगकर्ता को मर्चेंट वेबसाइटों पर भुगतान करने के लिए कार्ड का पूरा विवरण दर्ज करना होगा. बैंकों ने अपने ग्राहकों को इन बदलावों के बारे में बताना शुरू कर दिया था. एचडीएफसी अपने ग्राहकों को SMS भेजकर बता रहा था कि उन्हें या तो पूर्ण कार्ड विवरण दर्ज करना होगा या टोकन का विकल्प चुनना होगा.

    मौजूदा नियम के मुताबिक, लेन-देन पूरा 16-डिजिट कार्ड नंबर, कार्ड की एक्सपायरी डेट, सीवीवी और वन-टाइम पासवर्ड या ओटीपी (कुछ मामलों में लेनदेन पिन भी) आधारित होता है. टोकनाइजेशन वास्तविक कार्ड नंबर को एक वैकल्पिक कोड के साथ बदलने को क्षमता रखता है, जिसे “टोकन” कहा जाता है.

    आरबीआई के अनुसार, टोकन युक्त कार्ड लेनदेन को सुरक्षित माना जाता है क्योंकि ट्रांजैक्शन के दौरान वास्तविक कार्ड विवरण व्यापारी के साथ साझा नहीं किया जाता है. इसमें कस्टमर्स के कार्ड का डिटेल सेव नहीं किया जा सकता है. आरबीआई के मुताबिक टोकन को वापस वास्तविक कार्ड विवरण में बदलने को डी-टोकनाइजेशन के रूप में जाना जाता है. ग्राहक को इस सेवा का लाभ उठाने के लिए कोई चार्ज नहीं देना होगा.

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleमहाराष्ट्र में फिर बढ़ रहे कोरोना के मामले, मुंबई में 77 दिन बाद 600 से ज्यादा नए केस
    Next Article जापान में आलू नहीं होने के कारण मैकडोनल्ड ने फ्रेंच फ्राई बेचना बंद किया

    Related Posts

    आपदा प्रबंधन को लेकर जमशेदपुर में विशेष प्रशिक्षण शुरू, एनडीआरएफ ने सिविल डिफेंस छात्रों को दिए रेस्क्यू के गुर

    June 19, 2026

    विधायक पूर्णिमा साहू का प्रयास लाया रंग, 19 जून को बिरसानगर पीएम आवास योजना के लाभुकों को मिलेगा अपने घर का अधिकार, होगा गृह प्रवेश पूजन

    June 19, 2026

    रन फॉर योग’ जागरूकता रैली का आयोजन, योग को जन-जन तक पहुंचाने का संदेश

    June 19, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    आपदा प्रबंधन को लेकर जमशेदपुर में विशेष प्रशिक्षण शुरू, एनडीआरएफ ने सिविल डिफेंस छात्रों को दिए रेस्क्यू के गुर

    विधायक पूर्णिमा साहू का प्रयास लाया रंग, 19 जून को बिरसानगर पीएम आवास योजना के लाभुकों को मिलेगा अपने घर का अधिकार, होगा गृह प्रवेश पूजन

    रन फॉर योग’ जागरूकता रैली का आयोजन, योग को जन-जन तक पहुंचाने का संदेश

    जमशेदपुर हर किसी का सपना होता है कि उसके सिर पर अपना घर हो,और जमशेदपुर में आज 340 परिवारों का यह सपना साकार हो गया।

    मुआवजे की मांग को लेकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का उपायुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन

    कैलेंडर को प्रतीक मानना पंथिक मर्यादा नहीं : कुलबिंदर

    मानगो जलापूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ करने हेतु विभिन्न योजनाओं को मिली स्वीकृति : मेयर सुधा गुप्ता

    10 साल बाद भी नहीं मिला पानी, रामनगर लकड़िया बागानबस्ती के लोगों ने दी आंदोलन की चेतावनी

    10 साल बाद भी नहीं मिला पानी, रामनगर लकड़िया बागानबस्ती के लोगों ने दी आंदोलन की चेतावनी जमशेदपुर के बागबेड़ा से सटे रामनगर बस्ती के सैकड़ों परिवारों ने बागबेड़ा ग्रामीण जलापूर्ति योजना के तहत अब तक शुद्ध पेयजल की सुविधा नहीं मिलने पर नाराजगी जताई है। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्ष 2016 में पंचायत के तत्कालीन मुखिया द्वारा प्रत्येक घर से 450 रुपये लेकर पानी कनेक्शन के लिए रसीद दी गई थी, लेकिन 10 वर्ष बीत जाने के बाद भी न तो इलाके में पाइपलाइन बिछाई गई और न ही किसी घर तक जलापूर्ति की व्यवस्था की गई। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी और निजी बोरिंग से पानी निकलना बंद हो गया है, जिसके कारण लोगों को 30 से 40 रुपये प्रति बोतल पानी खरीदकर पीना पड़ रहा है। इससे क्षेत्र में पेयजल संकट गहराता जा रहा है और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि रामनगर बस्ती के निचले हिस्से में जल्द पाइपलाइन बिछाकर घर-घर पानी का कनेक्शन उपलब्ध कराया जाए। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर शुद्ध पेयजल की व्यवस्था नहीं की गई तो क्षेत्र के लोग उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे, जिसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन और सरकार की होगी।

    गंडा समाज ने अनुसूचित जाति में शामिल करने की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.