

जमशेदपुर रोड रनर्स के धावकों ने ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में आयोजित पहले IRONMONK Bhubaneswar-Cuttack Twin City Marathon में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए स्टील सिटी का नाम राष्ट्रीय पटल पर रोशन कर दिया है। 1 नवंबर को हुई इस प्रतियोगिता में शहर के धावकों ने फुल मैराथन और हाफ मैराथन दोनों श्रेणियों में अपनी क्षमता का लोहा मनवाया।
भुवनेश्वर में जमशेदपुर रोड रनर्स का जलवा
इस आयोजन में देशभर के सैकड़ों धावकों ने हिस्सा लिया था, लेकिन जमशेदपुर रोड रनर्स के सदस्यों ने जिस अनुशासन और जज्बे का परिचय दिया, वह काबिले तारीफ है। क्लब के कोच और वरिष्ठ धावकों के मार्गदर्शन में महीनों की कड़ी मेहनत इस दिन रंग लाई। सुबह की ठंडी हवा में जब धावक ट्रैक पर उतरे, तो उनके कदमों में एक अलग ही रफ्तार और आत्मविश्वास था।
फुल मैराथन: 42.195 किलोमीटर का साहसिक सफर
फुल मैराथन किसी भी धावक के धैर्य, मानसिक मजबूती और शारीरिक क्षमता की परीक्षा होती है। हमारे धावकों ने इस चुनौती को न सिर्फ पूरा किया, बल्कि शानदार टाइमिंग भी निकाली:
- रितेश सिंह तोमर ने 3 घंटे 46 मिनट में दौड़ पूरी कर ग्रुप का नेतृत्व किया।
- कृष्णा कुमार ने 3 घंटे 53 मिनट का उत्कृष्ट समय निकाला।
- धर्मराज कुमार माझी ने 4 घंटे 14 मिनट में फिनिश लाइन पार की।
- अनंता मुखर्जी ने 5 घंटे 19 मिनट में अपनी पहली फुल मैराथन पूरी कर व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया।
रितेश और कृष्णा का सब-4 घंटे का प्रदर्शन दर्शाता है कि जमशेदपुर में मैराथन दौड़ का स्तर राष्ट्रीय मानकों को छू रहा है। अनंता का डेब्यू कई नए धावकों के लिए प्रेरणा बनेगा।
हाफ मैराथन में भी दिखाया दमखम
21.1 किलोमीटर की हाफ मैराथन श्रेणी में भी जमशेदपुर रोड रनर्स के धावकों ने अपनी छाप छोड़ी। इस श्रेणी में अमित कमल, परमानंद, प्रकाश यादव और अभिक मुखर्जी ने न सिर्फ दौड़ पूरी की, बल्कि अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन (Personal Best) हासिल किया। यह उपलब्धि उनके निरंतर प्रशिक्षण और बेहतर होती फिटनेस का प्रमाण है।
स्वास्थ्य और फिटनेस का सशक्त संदेश
प्रतियोगिता के बाद जमशेदपुर रोड रनर्स के सदस्यों ने मीडिया से बातचीत में स्पष्ट किया कि उनका लक्ष्य केवल पदक जीतना नहीं है। उनका उद्देश्य समाज में स्वास्थ्य और फिटनेस के प्रति जागरूकता फैलाना है। उन्होंने कहा, “दौड़ केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का सशक्त माध्यम है। हम चाहते हैं कि शहर का हर नागरिक, चाहे वह युवा हो या बुजुर्ग, अपनी दिनचर्या में दौड़ या शारीरिक गतिविधि को शामिल करे।”
भविष्य की राह और प्रशिक्षण की रणनीति
क्लब के पदाधिकारियों ने बताया कि इस सफलता के बाद अब अगले लक्ष्य की तैयारी शुरू हो चुकी है। आने वाले महीनों में टाटा स्टील कोलकाता 25K और एयरटेल दिल्ली हाफ मैराथन जैसे बड़े आयोजनों के लिए विशेष प्रशिक्षण शिविर लगाए जाएंगे। धावकों के पोषण, रिकवरी और इंजरी प्रिवेंशन पर विशेष फोकस रहेगा।
इस जीत ने शहर के युवाओं में एक नई ऊर्जा का संचार किया है। स्थानीय प्रशासन और खेल प्रेमियों ने भी धावकों को बधाई देते हुए हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया है। अधिक जानकारी के लिए आप वर्ल्ड एथलेटिक्स की आधिकारिक वेबसाइट पर अंतरराष्ट्रीय मैराथन मानकों के बारे में पढ़ सकते हैं।
अंत में, जमशेदपुर रोड रनर्स की यह टीम भावना और व्यक्तिगत उत्कृष्टता का संगम शहर के खेल इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जोड़ गया है। हम आशा करते हैं कि यह कारवां यूं ही आगे बढ़ता रहेगा।

