राष्ट्र संवाद संवाददाता
जादूगोड़ा थाना क्षेत्र इन दिनों साइबर अपराध का नया अड्डा बनता जा रहा है। पिछले एक साल में सैकड़ों लोग ऑनलाइन ठगी के शिकार हो चुके हैं, जबकि पुलिस की तमाम कोशिशों के बावजूद साइबर ठगों का नेटवर्क लगातार मजबूत होता जा रहा है।
जादूगोड़ा के राखा कॉपर के प्रमुख व्यवसाय के खाते से भी शनिवार को दोपहर लगभग 3:00 बजे के आसपास साइबर अपराधियों के द्वारा 18500 उड़ा दिया गया।
उसे व्यापारी का कहना है कि वह किसी प्रकार का यूपीआई भुगतान भी नहीं करता है ना किसी को ओटीपी दिया है उसका खाता बैंक आफ इंडिया में है पैसे उड़ाए जाने से व्यापारी पूरी तरह से चिंतित हे।
इसी प्रकार लगातार जादूगोड़ा में साइबर अपराधियों के द्वारा मोबाइल चोरी और अकाउंट से पैसे उड़ाए जा रहे हैं।
साइबर अपराधियों के द्वारा जादूगोड़ा थाना क्षेत्र के यूसिल कर्मियों को आसानी से अपना शिकार बनाया जा रहा है यूसील कर्मी लगातार इनके ठगी का शिकार हो रहे हैं।
जादूगोड़ा के हाथी बिंधा पंचायत के कोकदा गांव कभी मिट्टी के बर्तन बनाने के लिए पूरे क्षेत्र में प्रसिद्ध था लेकिन अब यहां के युवा साइबर अपराध में शामिल होने के बाद यह गांव साइबर अपराधियों के लिए पूरे क्षेत्र में प्रसिद्ध हो चुका है ।
लोग यहां गांव के लोगों से अपना रिश्ता करने में भी कतराने लगे हैं एवं यहां पर दुकानदारों के द्वारा साइबर अपराध के बढ़ते घटना के कारण ऑनलाइन भुगतान लेने में भी काफी सतर्कता बरत रहे हे।
पूरे जादूगोड़ा क्षेत्र से सैकड़ो युवा इस साइबर अपराध से जुड़े हुए हैं जिनकी संपत्ति एकाएक काफी बढ़ गई है महंगे महंगे गाड़ी और महंगे महंगे फोन उपयोग में ला रहे हैं जिससे भी उनके कार्य शैली पर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं।
हाल के दिनों में ठगी के शिकार हुए यूसिल कर्मी।
जादूगोड़ा के मोड निवासी यूसिल कर्मी अर्जुन शर्मा के खाते से साइबर अपराधियों के द्वारा 10 फरवरी को लगभग 3 लाख 20 हजार 545 केवाईसी अपडेट के नाम पर उड़ा दिए गए।
10 फरवरी को सुबह सात बजे ही उनके फोन पर केवाईसी अपडेट के नाम पर 776298047 ओर 9863770992 नम्बर से फोन आया था।
इसके बाद पुलिस के द्वारा क्षेत्र के लगभग आठ साइबर अपराधि लोगों को गिरफ्तार कर साइबर अपराध के मामले में जेल भी भेजा गया है जिसमें प्रमुख रूप से शामिल है।
कोकदा गांव से रोहित भगत, मलय भगत, मंतोष भगत,कपिल भकत ,रणवीर भकत, बितेश भकत,गिरिधारी भकत, केशव भक्त भकत,राज भगत वही चाकुलिया के बेंद से निखिल पाल समेत दर्जनों युवा को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। पुलिस ने इस कार्रवाई को बड़ी सफलता बताया था, लेकिन साइबर ठगी पर कोई असर नहीं पड़ा। इसके बाद भी
गाजियाबाद और पटना साइबर थाना से लगातार नोटिस जारी किए जा रहे हैं। हाल ही में पांच और लोगों को नोटिस मिला, जिनमें नवरंग मार्केट के कई युवाजीशू सिंह , कोकदा के जगदीश कुमार भगत, काला पत्थर के उज्वल कुमार प्रमाणिक, और कुलडीहा के दीपक कुमार भगत शामिल हैं। पुलिस द्वारा कोकदा गांव में कई बार छापेमारी की गई है, लेकिन हर बार युवक घर छोड़कर फरार हो जाते हैं। पुलिस ने बिना नंबर की एक बाइक को जब्त कर थाना लाया, लेकिन इसका खुलासा अब तक नहीं हो सका है।
जिन लोगों के खाते से पैसे उड़ाया गया
वैज्ञानिक के खाते से 1.27 करोड़ रुपए की हुई थी ठगी
इस साइबर ठगी का सबसे बड़ा शिकार बने यूरेनियम कारपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (यूसिल के वैज्ञानिक आर एल पटनायक, जिनके बैंक खाते से 1 करोड़ 27 लाख रुपये उड़ाए गए। एक साल बाद भी मामले का कोई ठोस सुराग नहीं मिला है।
1 साल से अधिक समय से हुए न्याय के लिए गुहार लगा रहे हैं लेकिन अभी तक उन्हें न्याय नहीं मिल पाया है।
यूसिल कर्मी के भाटी न कर्मी नवीन प्रसाद के खाता से बीस हजार,यूसिल कर्मी खगेश्वर मलिक के खाते से 75 हजार कई अन्य लोग भी हजारों रुपये की ठगी का के शिकार हो चुके हैं।
परमाणु ऊर्जा केंद्रीय विद्यालय के शिक्षिका तूरामडीह की डी लता के खाते से भी चार धाम के नाम से 77000 उड़ा दिया गया।
साइबर अपराधियों के द्वारा नए-नए युवाओं को प्रलोभन देकर
उनका बैंक डिटेल लिया जा रहा हे।
इस अपराध के पीछे राखा माइंस और कोकदा,कुलड़िहा, दुडक,यूसिल कालोनी ,राखा कॉपर , तीला मुंडा,ु क्षेत्र मुख्य केंद्र बन
चुके हैं। ठग ग्रामीणों को लालच देकर बैंक खाता लेते हैं और उसी खाते में ठगी का पैसा मंगवाया जाता है। कमीशन का झांसा देकर गांव के युवा भी इसमें शामिल हो रहे हैं। कुछ युवा अपने घर की महिलाओं के नाम से खातों का इस्तेमाल कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ युवाओं के पास अचानक महंगी गाड़िय आलीशान मकान और महंगे मोबाइल फोन आ गए हैं, जिससे संदेह बढ़ता जा रहा है।
लगातार जादूगोड़ा क्षेत्र में आसपास के युवाओं के द्वारा ही साइबर ठगी का कारोबार किया जा रहा है जादूगोड़ा से ही यह नेटवर्क पूरे अनुमंडल में फैल चुका है रोजाना किसी न किसी को ओटीपी ,के वाई सी के नाम पर धमकी दी जाती है एवं अगर कोई उनके झांसे में नहीं आता है ।
साइबर अपराधियों के द्वारा टेलीग्राम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लोगों को गूगल रिव्यू रेटिंग टैक्स कंप्लीटीग के नाम पर रिवॉर्ड देने का आश्वासन देकर फसाते हैं उनसे बड़ी ठगी भी करते हैं।
घाटशिला के रोहित जैन के साइबर अपराध में गिरफ्तारी के बाद जादूगोड़ा के साइबर अपराधी में भी हड़कंप मच गया है कई किंगपिन यहां भी हैं जो रातों-रात गायब हो जाते हैं फिर मामला शांत होने के बाद घर लौट कर आ जाते हैं अधिकतर साइबर अपराधी रात को अपने घर पर नहीं रहते हैं।
घाटशिला अनुमंडल के चाकुलिया के बेंद में भी एक नामी साइबर अपराधी रहता है जो काफी संपत्ति का मालिक बन चुका है।
यूसीएल के पूर्व कर्मी गुरदीप सिंह की मोबाइल 19 अप्रैल को जादूगोड़ा बाजार से चोरी हुआ था और साइबर अपराधियों ने उसके खाता से एक लाख बीस हजार उड़ा लिया।

