Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » पाकिस्तान के 87 फीसदी हिस्से पर इसरो सैटेलाइट्स की HD नजर
    Headlines राष्ट्रीय

    पाकिस्तान के 87 फीसदी हिस्से पर इसरो सैटेलाइट्स की HD नजर

    Devanand SinghBy Devanand SinghFebruary 28, 2019No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    अंतरिक्ष में भारत का डंका बजाने वाला इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (ISRO) देश के लिए सामरिक दृष्टि से भी बहुत अहम है। ISRO के सैटलाइट्स पाकिस्तान के 87 फीसदी हिस्से पर नजर रखते हैं और HD क्वॉलिटी की मैपिंग करते हैं, जो बालाकोट एयरस्ट्राइक जैसे ऑपरेशंस के लिए सस्त्रबलों के लिए महत्वपूर्ण इनपुट होते हैं।

    भारतीय सैटलाइट्स पाकिस्तान के कुल 8.8 लाख वर्ग किलोमीटर के भूभाग में से 7.7 लाख वर्ग किलोमीटर हिस्से पर नजर रखने में सक्षम हैं और भारतीय कमांडर्स को 0.65 मीटर तक की HD तस्वीरें दे रहे हैं।

    भारत की यह क्षमता दूसरे पड़ोसी देशों के लिए भी है। हमारे सैटलाइट्स 14 देशों के कुल 55 लाख वर्ग किलोमीटर हिस्से को मैप कर सकते हैं, लेकिन चीन को लेकर जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है। एक सूत्र ने कहा, ‘यह कवरेज कार्टोसैट सैटलाइट्स से है। इसरो सेवाएं उपलब्ध कराता है, लेकिन हम इस पर कॉमेंट नहीं कर सकते हैं।’

    17 जनवरी को अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा था कि भारत पाकिस्तानी घरों में झांक सकता है और यह कोई मजाक नहीं था। उन्होंने कहा था, ‘भारत का इन्टग्रेटिड बॉर्डर मैनेजमेंट सिस्टम भारत को पाकिस्तान के घरों और बरामदों को देखने में सक्षम है।’

    भारतीय एयरफोर्स ISRO से बहुत खुश है। एक एयर मार्शल ने पिछले सप्ताह कहा था, ‘क्या हमें अधिक सैटलाइट्स की जरूरत है? हां, लेकिन हमारी 70 फीसदी जरूरत पहले से पूरी हो रही है और हम ट्रैक पर हैं।’

    जिन बड़े सैटलाइट्स ने सुरक्षाबलों की सहायता की है उनमें, कार्टोसैट सीरीज के सैटलाइट्स, GSAT-7 और GSAT-7A, IRNSS, माइक्रोसैट, रिसैट और HysIS शामिल हैं। यदि इंडिविजुअल स्पेसक्राफ्ट को भी गिन लें तो 10 से अधिक ऑपरेशनल सैटलाइट्स सेना के इस्तेमाल में हैं।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleभारत द्वारा मार गिराए गए F16 विमान का मलवा मिला
    Next Article झुका पाकिस्तान, कल रिहा होंगे विंग कमांडर अभिनंदन

    Related Posts

    मध्य विद्यालय गौरा में मनाई गई दिनकर की जयंती

    September 23, 2026

    राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जयंती सभी सरकारी गैर-सरकारी संस्थानों में मनाया गया

    September 23, 2026

    पंचायत समिति की बैठक में अमर्यादित टिप्पणी को लेकर मुखिया और समिति भिड़े विधायक सुरेंद्र मेहता ने सम

    September 23, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    अभी-अभी

    मध्य विद्यालय गौरा में मनाई गई दिनकर की जयंती

    संत पॉल स्कूल तेघड़ा में ओज, वीरता और राष्ट्रभावना के साथ मनी राष्ट्रकवि दिनकर की जयंती

    राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जयंती सभी सरकारी गैर-सरकारी संस्थानों में मनाया गया

    पंचायत समिति की बैठक में अमर्यादित टिप्पणी को लेकर मुखिया और समिति भिड़े विधायक सुरेंद्र मेहता ने सम

    घाटशिला में सनसनीखेज वारदात: बेटे ने की मां की हत्या, तीन दिन तक घर में छिपाकर रखा शव

    डी.बी.एम.एस. कॉलेज ऑफ एजुकेशन में बी.एड. विद्यार्थियों के लिए प्लेसमेंट रेडीनेस प्रोग्राम आयोजित

    साइकिल पर संडे अभियान के संयोजक डॉ कुंदन को मुख्यमंत्री ने किया सम्मानित।

    सिक्स लेन पुल का नाम दिनकर सेतु बहुत जल्द होगा:रजनीश कुमार।

    मेघराज मेमोरिएल बी॰एड॰ काॅलेज में दिनकर जयंती का आयोजन

    *गुरु-शिष्या के रिश्ते को किया कलंकित: बखरी में कोचिंग शिक्षक पर नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म का गंभीर

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.