झारखंड की पहली महिला डीजीपी बनीं आईपीएस तदाशा मिश्रा, संभाला पदभार
राष्ट्र संवाद संवाददाता
रांची। झारखंड पुलिस को उसकी पहली महिला पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) मिल गई हैं। 1994 बैच की आईपीएस अधिकारी तदाशा मिश्रा ने शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय में प्रभारी डीजीपी के रूप में अपना पदभार ग्रहण किया। गुरुवार को राज्य सरकार ने उन्हें झारखंड का प्रभारी डीजीपी नियुक्त किया था।
अनुराग गुप्ता के वीआरएस के बाद खाली हुआ था पद
दरअसल, पूर्व डीजीपी अनुराग गुप्ता के स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) लेने के बाद झारखंड में डीजीपी का पद रिक्त हो गया था। इसके बाद सरकार ने तदाशा मिश्रा को प्रभारी डीजीपी की जिम्मेदारी सौंपी।
“टीमवर्क से मिलेगी सफलता, जनता का विश्वास सबसे अहम” :तदाशा मिश्रा
पदभार ग्रहण करने के बाद तदाशा मिश्रा ने कहा कि फिलहाल उनकी पहली प्राथमिकता झारखंड स्थापना दिवस की तैयारियों पर केंद्रित रहेगी। उन्होंने कहा कि बेसिक पुलिसिंग को मज़बूत करना, संगठित अपराध और नक्सलवाद के खिलाफ कार्रवाई तेज़ रखना उनकी प्राथमिकता में शामिल है।
उन्होंने कहा — “पुलिस एक टीम की तरह काम करेगी। किसी एक व्यक्ति विशेष पर सब कुछ निर्भर नहीं करेगा। एक अकेला व्यक्ति कुछ नहीं कर सकता, लेकिन एक टीम सब कुछ कर सकती है। जनता का विश्वास जीतना मेरी सबसे बड़ी प्राथमिकता है।”
मुख्यमंत्री से की शिष्टाचार भेंट
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प्रभारी डीजीपी का पदभार ग्रहण करने के बाद तदाशा मिश्रा ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से उनके आवासीय कार्यालय में शिष्टाचार भेंट की। मुख्यमंत्री ने उन्हें नई जिम्मेदारी संभालने पर शुभकामनाएं दीं और राज्य में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने की अपेक्षा जताई।
सीनियर अधिकारियों को लेकर उठा संवैधानिक सवाल
हालांकि, इस नियुक्ति के बाद प्रशासनिक हलकों में संवैधानिक बहस भी छिड़ गई है। बताया जा रहा है कि झारखंड में 1992 बैच के आईपीएस प्रशांत सिंह और 1993 बैच के आईपीएस एम.एस. भाटिया पदस्थापित हैं। ऐसे में वरिष्ठता के लिहाज़ से 1994 बैच की तदाशा मिश्रा को प्रभारी डीजीपी बनाए जाने पर सवाल उठ रहे हैं।
कौन हैं तदाशा मिश्रा
तदाशा मिश्रा 1994 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं। उन्होंने अपने अब तक के कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। उनकी पहचान एक कड़े, अनुशासित और संवेदनशील अधिकारी के रूप में की जाती है।

