लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
स्वच्छता पखवाडा भारत सरकार का एक महत्वपूर्ण अभियान है जो हर वर्ष मानसून के मौसम में स्वच्छता के प्रति जन जागरूकता फैलाने के लिए चलाया जाता है। इस वर्ष भी देशभर के शैक्षणिक संस्थानों, औद्योगिक इकाइयों और सरकारी कार्यालयों में 30 जुलाई से 13 अगस्त तक स्वच्छता पखवाडा मनाया जा रहा है। इसी क्रम में आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र स्थित आईडीटीआर जमशेदपुर ने भी इस अभियान को पूरी गंभीरता के साथ अपनाया है। संस्थान के छात्र-छात्राओं ने न केवल परिसर की सफाई की बल्कि आसपास के कामगारों और निवासियों को भी स्वच्छता के महत्व से अवगत कराया। इस पहल का उद्देश्य स्वच्छता को एक दैनिक आदत बनाना है न कि केवल एक पखवाड़े तक सीमित रखना।
आईडीटीआर के महाप्रबंधक रवीन्द्र कुमार ने इस अवसर पर कहा कि स्वच्छता केवल शारीरिक स्वच्छता तक सीमित नहीं है, यह मानसिक और सामाजिक स्वास्थ्य का भी आधार है। उन्होंने छात्रों से आह्वान किया कि वे इस संदेश को अपने घरों और समुदायों तक पहुंचाएं ताकि स्वच्छ भारत का सपना साकार हो सके।
स्वच्छता पखवाडा का महत्व और उद्देश्य
आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र स्थित आईडीटीआर जमशेदपुर में मनाए जा रहे स्वच्छता पखवाडा के तहत शनिवार को संस्थान के छात्रों द्वारा स्चछता अभियान चलाया गया। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने न केवल साफ-सफाई की, बल्कि आसपास काम कर रहे कामगारों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक किया तथा अपने घर समेत आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई रखने की अपील की।
इस मौके पर उपस्थित आईडीटीआर के महाप्रबंधक रवीन्द्र कुमार ने कहा कि अच्छे स्वास्थ्य के लिये सभी प्रकार की स्वच्छता बहुत जरुरी है, चाहे वह व्यक्तिगत हो, अपने आसपास के पर्यावरण की हो या काम करने की जगह ,स्कूल-कॉलेज आदि हो। उन्होंने कहा कि अपने आसपास की सफाई से न केवल वातावरण साफ रहता है बल्कि बहुत सारी बीमारियों से भी हमारी रक्षा होती है। उन्होंने छात्र-छात्राओं से अन्य लोगों को भी इस अभियान से जोडने की सलाह दी।
कार्यक्रम का नेतृत्व आईडीटीआर के एडमीन एसोसिएट सह मीडिया प्रभारी पंकज कुमार ने किया। उन्होंने कहा कि 30 जुलाई से 13 अगस्त तक मनाए जाने वाले स्वच्छता पखवाडा के तहत प्रत्येक दिन अलग-अलग कार्यक्रम चलाए जाएंगे ताकि यह केवल अभियान न रह कर मानव जीवन में उतर सके और लोग इसे अपने जीवन का अंग बना सके।
इस मौके पर संस्थान के अधिकारी ओपी पांडेय, बबलू पाल, हिमांशु शेखर, अमित कुमार, प्रवीण कुमार, उमेश रजक समेत काफी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
स्वच्छता पखवाडा से जुड़ी मुख्य बातें
स्वच्छता पखवाडा केवल सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक व्यवहार परिवर्तन का आंदोलन है। आईडीटीआर के छात्रों द्वारा चलाया गया यह अभियान स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्यों को मजबूती देता है। संस्थान के महाप्रबंधक रवीन्द्र कुमार ने स्पष्ट किया कि स्वच्छता व्यक्तिगत, पर्यावरणीय और कार्यस्थल हर स्तर पर आवश्यक है। इस पहल से न केवल परिसर स्वच्छ हुआ बल्कि आसपास के कामगारों में भी जागरूकता आई।
स्वच्छता पखवाडा का भविष्य और छात्रों की भूमिका
आने वाले दिनों में आईडीटीआर प्रबंधन ने प्रत्येक दिन अलग-अलग थीम पर कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई है, जिसमें वृक्षारोपण, कचरा पृथक्करण कार्यशाला, और स्वच्छता शपथ ग्रहण समारोह शामिल हैं। छात्रों को इन गतिविधियों का नेतृत्व करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा ताकि उनमें नेतृत्व क्षमता और सामाजिक उत्तरदायित्व का विकास हो। पंकज कुमार ने बताया कि इस पखवाड़े के बाद भी संस्थान में स्वच्छता समिति का गठन किया जाएगा जो निरंतर निगरानी करेगी। यह प्रयास युवाओं को स्वच्छता के प्रति संवेदनशील बनाने और उन्हें बदलाव का वाहक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
अंत में, स्वच्छता पखवाडा की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि हम इसे कितनी गंभीरता से अपने दैनिक जीवन में अपनाते हैं। आईडीटीआर के छात्रों ने जिस उत्साह और समर्पण के साथ इस अभियान में भाग लिया, वह सराहनीय है और अन्य संस्थानों के लिए एक प्रेरणा स्रोत बन सकता है।

