दहेज उत्पीड़न केस के बीच तीसरी शादी रचाते पकड़ा गया पति, गेस्ट हाउस में पहली पत्नी का बवाल
राष्ट्र संवाद संवाददाता
सीतापुर:
उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां तीसरी शादी रचाने पहुंचे एक शख्स की खुशियां उस वक्त मातम में बदल गईं, जब उसकी पहली पत्नी शादी समारोह के बीच वहां पहुंच गई। महोली कोतवाली क्षेत्र के एक गेस्ट हाउस में चल रही शादी की रस्मों के दौरान पहली पत्नी ने पति का गिरेबान पकड़ लिया और उसकी पिटाई कर दी। मौके पर मौजूद पुलिस और अन्य लोगों ने किसी तरह बीच-बचाव कर स्थिति को संभाला। पुलिस ने आरोपी पति को हिरासत में लिया, हालांकि बाद में उसे छोड़ दिया गया।
बताया जा रहा है कि पति-पत्नी के बीच दहेज उत्पीड़न का मामला पहले से ही न्यायालय में लंबित है।
2018 में हुई थी पहली शादी, 10 दिन में टूटा साथ
मछरेहटा थाना क्षेत्र के हीरापुर गंज निवासी युवती की शादी वर्ष 2018 में कोतवाली देहात क्षेत्र के पीतपुर निवासी बिपिन राजवंशी उर्फ सोनू के साथ हुई थी। शादी के कुछ ही दिनों बाद ससुराल पक्ष ने चार लाख रुपये दहेज की अतिरिक्त मांग शुरू कर दी। आरोप है कि मांग पूरी न होने पर महिला को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया। हालात इतने बिगड़ गए कि शादी के महज 10 दिन बाद ही उसे मायके छोड़ दिया गया।
पीड़िता ने वर्ष 2021 में दहेज उत्पीड़न का मामला न्यायालय में दायर किया, जो अब तक विचाराधीन है।
तीसरी शादी की सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस के साथ
5 फरवरी को पीड़िता को सूचना मिली कि उसका पति महोली थाना क्षेत्र स्थित संस्कार गेस्ट हाउस में तीसरी शादी कर रहा है। सूचना मिलते ही उसने मछरेहटा थाने में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद मछरेहटा और महोली कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम पीड़िता को साथ लेकर गेस्ट हाउस पहुंची, जहां आरोपी शादी की रस्मों में व्यस्त मिला।
शादी के जोड़े में पति को देख भड़की पत्नी, मची भगदड़
जैसे ही पीड़िता ने अपने पति को दूल्हे के जोड़े में देखा, वह गुस्से से बेकाबू हो गई और दौड़कर उसका गिरेबान पकड़ लिया। मारपीट और हंगामे के चलते शादी समारोह में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप कर मामला शांत कराया और आरोपी बिपिन राजवंशी को हिरासत में लेकर थाने ले जाया गया।
कानून की अनदेखी का आरोप
पीड़िता का आरोप है कि यदि वह समय रहते मौके पर न पहुंचती तो आरोपी तीसरी शादी कर लेता। उसका कहना है कि न्यायालय में मामला लंबित होने के बावजूद पति कानून की खुलेआम अनदेखी कर रहा है। वहीं पुलिस अधिकारी इस मामले पर कुछ भी कहने से बचते नजर आए। उनका कहना है कि प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं की जा सकती।

