हाईकोर्ट के फैसले से साफ—चुनाव हमारे पक्ष में: भगवान सिंह, सीजीपीसी ने निशान सिंह पर साधा निशाना
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर: साकची गुरुद्वारा चुनाव को लेकर दायर रिट याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट के फैसले के बाद सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (सीजीपीसी) ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए इसे अपने पक्ष में बताया है। सीजीपीसी के प्रधान भगवान सिंह ने कहा कि हाईकोर्ट ने याचिका को यह कहते हुए निष्पादित कर दिया कि चुनाव प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जिससे स्पष्ट है कि चुनाव विधिवत तरीके से संपन्न हुए।
शुक्रवार को सीजीपीसी कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में भगवान सिंह ने कहा कि चुनाव गुरुद्वारा के संविधान (बायलॉज) के अनुसार और सेंट्रल कमेटी की देखरेख में पारदर्शिता के साथ कराए गए। प्रशासन, विशेषकर एसडीओ के निर्देश पर पूरी प्रक्रिया अपनाई गई, जिसमें नोटिस, नामांकन और बैलेट वोटिंग के जरिए हरविंदर सिंह मंटू को प्रधान चुना गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि निशान सिंह हाईकोर्ट इसलिए गए थे ताकि एसडीओ के आदेश को रद्द कराया जा सके और सीजीपीसी को चुनाव कराने से रोका जा सके, लेकिन उन्हें कोई राहत नहीं मिली। अदालत ने यह भी कहा कि यदि किसी को आपत्ति है तो वह सिविल कोर्ट जा सकता है।
भगवान सिंह ने कहा कि यह किसी व्यक्ति की नहीं, बल्कि सीजीपीसी की गरिमा, अधिकार और व्यवस्था को बचाने की लड़ाई है। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई कमेटी को कार्यभार संभालने में सहयोग दिया जाए और शांति व्यवस्था बनाए रखी जाए।
वहीं, अधिवक्ता पंकज कुमार सिन्हा और उर्वशी सिन्हा ने बताया कि 28 मई 2025 को एसडीएम कोर्ट ने सीजीपीसी को चुनाव कराने की जिम्मेदारी सौंपी थी। इसके खिलाफ निशान सिंह हाईकोर्ट गए थे, लेकिन चुनाव संपन्न होने की जानकारी छिपाई गई, जिसके आधार पर कोर्ट ने याचिका खारिज (dispose) कर दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कहीं भी निशान सिंह के चुनाव को मान्यता नहीं दी गई है।
प्रेस वार्ता में चेयरमैन शैलेन्द्र सिंह, गुरमीत सिंह, महासचिव गुरचरण सिंह बिल्ला और वरीय सलाहकार परविंदर सिंह सोहल समेत कई सदस्य मौजूद रहे।

